फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब का कृषि विभाग जितना बड़ा, उतना ही निकम्मा: हाईकोर्ट

Tue, 01 Aug 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
- फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
पंजाब में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल की खरीद नहीं कर पाने पर हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए हरियाणा से सीख लेने को कहा। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब का कृषि विभाग जितना बड़ा है, उतना ही निकम्मा भी है। अगर आपके पास फसल खरीद के लिए पैसे ही नहीं हैं तो मार्कफेड को बंद क्यों नहीं कर देते। 
विज्ञापन


सोमवार को सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि वह फसल की खरीद 10 करोड़ रुपये की राशि के आधार पर करती है। इस राशि से फसल खरीद कर उसे गोदाम में रखा जाता है और वहां से रसीद लेकर इस पर लोन ले लिया जाता है। इस लोन की राशि से आगे की फसल खरीदी जाती है और यही प्रोसेस आगे भी दोहराया जाता है। इस पर पंजाब सरकार का कहना था कि उनके पास 10 करोड़ रुपये भी नहीं है, जिससे वह फसल खरीद सके।
विज्ञापन

'...तो मार्कफेड को बंद क्यों नहीं कर देते'

Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
पंजाब सरकार की ओर से यह कहने पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर पंजाब के पास कुछ है ही नहीं तो वह हरियाणा से 10 करोड़ रुपये ले ले ताकि फसल की खरीद हो सके। अगर फसल खरीदने तक के पैसे नहीं हैं तो मार्कफेड बंद कर दो। 

हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार से फसलों की खरीद, मात्रा और मंडियों में फसल कब आएगी, इसकी पूरी जानकारी अगली सुनवाई 7 अगस्त को हलफनामा दायर कर देने को कहा है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि मक्के की फसल की खरीद पर उनकी ओर से 25 प्रतिशत न्यूनतम तय की गई है।

इसके बाद भी प्रदेश सरकार चाहे तो केंद्र से अनुमति लेकर इससे ज्यादा की खरीद कर सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ओर से मांगी गई अनुमति दिन-प्रतिदिन के हिसाब से मिलनी चाहिए और उसमें विलंब न किया जाए। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें