चंडीगढ़। कोरोना की वजह से पीजीआई के डॉक्टरों की गर्मियों की छुट्टियां रद्द हो गई थीं, लेकिन सर्दियों की छुट्टियां मिलेंगी। इस बारे में पीजीआई ने लिखित में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
यह भी कहा है कि आपातकाल की स्थिति में किसी को कभी भी बुलाया जा सकता है। इसके लिए तैयार रहें। सर्दियों की छुट्टियां सात दिसंबर से शुरू हो रही हैं, जो छह जनवरी तक जारी रहेगी। आधे डॉक्टर सात दिसंबर से 21 दिसंबर और आधे 23 दिसंबर से छह जनवरी तक छुट्टी पर रहेंगे। हालांकि, कुछ डाक्टर दोनों ही पार्ट में छुट्टी पर रहेंगे, जबकि कुछ दोनों पार्ट में ड्यूटी देंगे।
पीजीआई के डॉक्टरों को साल में दो बार छुट्टियां मिलती हैं। गर्मियों में करीब एक महीने की, जबकि सर्दियों में 15 दिन की। लेकिन इस साल कोरोना की वजह से गर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। पीजीआई के डॉक्टरों ने छुट्टी लेने की बजाय कोविड 19 वार्ड में ड्यूटी देने का फैसला लिया था, लेकिन सर्दियों में उन्हें छुट्टी दी जाएगी। इस बारे में पीजीआई प्रशासन ने भी मुहर लगा दी है। पीजीआई ने छुट्टियों को इस तरह से बांटा है, ताकि मरीजों को परेशानी न आए। जब आधे लोग छुट्टी पर रहेंगे तो आधे काम पर। हालांकि, ओपीडी भी सिर्फ 25 फीसदी चल रही है।
पीजीआई प्रशासन की ओर से बताया गया है कि कोरोना की स्थिति का आकलन करने के बाद ही डॉक्टरों को छुट्टी देने का फैसला दिया गया है। जो स्थिति मई में थी, वह फिलहाल अभी नहीं है। उस दौरान कोरोना को समझने में समय लग गया था, लेकिन अब स्थिति बेहतर और नियंत्रण में है, इसलिए छुट्टी देने का फैसला लिया गया है।
पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम नहीं लेते छुट्टी
पीजीआई डॉक्टर को भले ही छुट्टी की मंजूरी मिल गई हो, लेकिन पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम ड्यूटी पर रहेंगे। वे जब से निदेशक बने हैं, तब से उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली है। प्रो. जगतराम का कहना है कि जब वे ड्यूटी पर रहते हैं तो अपने आपको ज्यादा तरोताजा महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि छुट्टी लेना हर डॉक्टर का अधिकार है। उन्हें लेना भी चाहिए, क्योंकि वे साल भर रिसर्च और टीचिंग का काम करते हैं। कोविड-19 में भी डाक्टरों ने बेहतरीन कार्य किया है।