पीजीआई में सर्जन की टीम हाथ की सर्जरी करते हुए।
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चंडीगढ़। पटियाला के सनौर रोड पर रविवार सुबह 7 से 8 निहंग सिखों ने बहस के बाद ड्यूटी पर तैनात एएसआई का हाथ काट दिया। घटना के बाद एएसआई को तत्काल पीजीआई चंडीगढ़ के एडवांस ट्रॉमा सेंटर लाया गया। यहां 7 घंटे 50 मिनट की मेहनत के बाद सर्जन डाक्टरों की टीम ने एएसआई का कटा हाथ फिर से जोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत अब ठीक है, लेकिन रिकवरी में थोड़ा समय लगेगा।
पंजाब पुलिस का एएसआई सुबह अपनी ड्यूटी पर तैनात था। तभी किसी बात को लेकर निहंग सिखों से बहस हो गई। बहस अचानक इतनी बढ़ गई कि निहंग सिखों ने एएसआई की कलाई काट दी। इससे उसका हाथ अलग हो गया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तत्काल एएसआई का कटा हुआ हाथ उठाया और स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। जहां से एएसआई को डॉक्टरों ने पीजीआई रेफर कर दिया। सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर एएसआई को पीजीआई लाया गया। सीनियर डॉक्टरों की टीम ने के 7 घंटे 50 मिनट तक प्लास्टिक सर्जरी के जरिए हाथ को दोबारा जोड़ दिया।
थ्री के वायर और प्लास्टिक सर्जरी से जुड़ा हाथ
पीजीआई के सीनियर डॉक्टरों ने पंजाब पुलिस के इस एएसआई के हाथ की नसों और हड्डियों को थ्री के वायर और प्लास्टिक सर्जरी की मदद से दोबारा जोड़ा। पीजीआई के सीनियर डॉक्टरों की टीम ने सुबह 10 बजे से एएसआई के हाथों का ऑपरेशन शुरू किया। जो लगभग 7 घंटे 50 मिनट तक चला। पीजीआई की जिस प्लास्टिक सर्जरी टीम ने ये सर्जरी की उसमें सीनियर डॉक्टर सुनील गाबा और डॉक्टर जेरी आर रोहन के अलावा सिनियर रेजिडेंट डॉक्टर सूरज नायर, डॉक्टर मयंक, डॉ. चंद्रा और डॉ. शुभेन्द शामिल थे। जबकि एनेस्थीसिया टीम में सीनियर रेजिडेंट डॉ. अंकुर, डॉ. अभिशेक और डॉ. पूर्णिमा शामिल थीं।