पीजीआई में महिला की मौत से नाराज उसके बेटे ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर डाक्टर की पिटाई कर डाली। इसके बाद नाराज डाक्टरों ने घंटे तक पीजीआई का गेट नंबर एक बंद कर दिया। पुलिस और पीजीआई प्रशासन के समझाने के बावजूद डाक्टर अपनी जिद पर अडे़ रहे।
जानकारी केअनुसार पंजाब के लुधियाना से हरजिंदर कौर (72) को 20 अगस्त को पीजीआई के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। रविवार रात करीब 8.30 बजे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद महिला के बेटे हरप्रीत सिंह ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. मणिशंकर अय्यर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोपी लगाते हुए इमरजेंसी में ही पीटना शुरू कर दिया। । डाक्टर को पिटता देख मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्डों ने अस्पताल में तैनात अन्य स्टाफ की मदद से युवक को काबू किया। इसके बाद 100 नंबर पर फोन कर सूचना घटना की सूचना दी।
इस घटना से गुस्साए डाक्टर काम बंद कर गेट नंबर एक पर इकट्ठे हो गए और गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। डाक्टरों का कहना था कि अक्सर डाक्टरों के साथ अस्पताल में आने वाले मरीजों के रिश्तेदार बदसलूकी करते हैं। लेकिन डाक्टरों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नही किए जाते। डाक्टरों ने तीन घंटे तक गेट बंद रखा, जिसका खमियाजा पीजीआई में आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ा। गेट से कई एंबुलेंस भी लौट गईं। डाक्टरों को बहुत समझाया गया लेकिन वो अपनी जिद पर अड़े रहे।
पीजीआई में डाक्टर के साथ मारपीट व जूनियर डाक्टरों द्वारा गेट बंद किए जाने की खबर मिलते ही मौके परडीएसपी सेंट्रल राम गोपाल व सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन के एसएचओ नरिंदर पटियाल भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने भी डाक्टरों से गेट खोलने की अपील की लेकिन डाक्टर नहीं माने।
सेक्टर 11 एसएचओ नरिंदर पटियाल ने बताया कि पीड़ित डाक्टर की तरफ से अभी तक शिकायत नहीं मिली है। हालांकि आरोपी उनके कब्जे में ही है। डाक्टर की शिकायत मिलते ही आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।