पंजाब, हरियाणा और देश के अन्य प्रदेशों से आने वाले कोरोना के मरीजों को सही समय पर मानकों के अनुसार इलाज उपलब्ध करवाने के लिए नोडल ऑफिसर की कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें पीजीआई के लगभग सभी विभागों के सीनियर डॉक्टर शामिल होंगे। ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य कोरोना पॉजिटिव गंभीर मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही उनका पूरा ब्योरा एकत्र करना है। इस संदर्भ में पीजीआई डायरेक्टर की अध्यक्षता में शनिवार को मीटिंग कर अहम निर्णय लिए गए।
डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने बताया कि कोरोना के रेफर केस देखने के लिए बनाई गई कमेटी में पीजीआई के कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, हेप्टोलॉजी, एंडोक्रोनोलॉजी, नेफरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, पॉल्मयूनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट से सीनियर फैकल्टी मेंबरों को सदस्य बनाया जाएगा, ताकि सीनियर मेंबर रेफर होने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को सही समय पर इलाज दे सकें।
प्रो. जगतराम ने बताया कि इसके लिए अलग से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें सभी जानकारी अपडेट की जाएगी। पीजीआई के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा, ताकि वहां से रेफर किए जाने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की पूरी जानकारी नोडल ऑफिसर एक-दूसरे से साझा कर सकें।
इसके बाद ही रेफर केस को पीजीआई चंडीगढ़ या शहर के बाकी सरकारी अस्पताल में एडमिट कर ट्रीटमेंट किया जाएगा। कमेटी की ओर से यह भी जानने का प्रयास होगा कि रेफर होने वाले मरीज को उसके राज्य में संबंधित अस्पताल में इलाज क्यों नहीं मिल पाया। बैठक में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन, पीजीआई के डीन एकेडमी प्रो. जीडी पुरी, डीडीए कुमार गौरव धवन, हरियाणा के डीजीएचएस डॉ. सूरज भान कंबोज, चंडीगढ़ के डीएचएस डॉ. जी दीवान, पंजाब की डीएचएस डॉ. अवनीत कौर और हरियाणा सरकार के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजीव वढेरा उपस्थित रहे।