अपनी मांगों को लेकर सालों से संघर्ष कर रहे पीजीआई के कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने एक मार्च से भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। एक फरवरी को पीजीआई कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन की बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों ने पीजीआई के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
पीजीआई यूनियन के प्रधान संजीव कुमार व प्रेस सचिव बीएस बदान ने बताया कि तीन महीने सेंट्रल लेबर बोर्ड ने पीजीआई एडमिनिस्ट्रेशन को निर्देश देकर समान काम-समान वेतन के मुद्दे पर जल्द से जल्द कार्रवाई को कहा था।
इतना समय बीत गया है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। एसडी सहोता ने कहा कि यहां पर कर्मचारी पिछले 10-15 साल से एक ही वेतन पर काम कर रहे हैं।
महंगाई आसमान छूने लगी है। घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है, जबकि काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। यूनियन का कहना है कि वे अपना केस कोर्ट में जीत चुके हैं।
सेंट्रल बोर्ड भी मानता है कि कांट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ धोखा हो रहा है। यूनियन ने साफ लहजे में कहा कि यदि एक महीने के भीतर पीजीआई की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया तो उनके सामने भूख हड़ताल पर जाने के अलावा कोई चारा नहीं है।
इस मौके पर पूर्व प्रधान गोपाल ने कहा कि यूनियन का चुनाव दो साल के भीतर हो जाने चाहिए थे। मौजूदा यूनियन को दो साल से ज्यादा समय हो गया है। अब इसके चुनाव हो जाने चाहिए। बैठक में आल इंडिया सेंट्रल काउसिंल आफ ट्रेड यूनियन के महासचिव कमलजीत भी मौजूद रहे।