चंडीगढ़ पीजीआई के ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल का एलान कर दिया है। ऐसे में पीजीआई आने वाले मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पीजीआई में रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।
ठेका कर्मचारियों ने जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) की मीटिंग में यह निर्णय लिया कि वह अपने बकाया वेतन और अन्य मांगों के लिए क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे। भूख हड़ताल पीजीआई के रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास आयोजित की जाएगी।
इस संबंध में बैठक पीजीआई कैंपस स्थित श्री हरि मंदिर के सामने आयोजित की गई। बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार ठेका कर्मचारियों के 90 करोड़ रुपये के बकाया की, समान एवं समरूप वेतन के हिसाब से मांग की गई। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 30 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से इसकी मंजूरी दी थी। इसके बावजूद अब तक यह राशि जारी नहीं की गई है।
जेएसी ने निर्णय लिया कि भूख हड़ताल सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की जाएगी। इस आंदोलन की तिथि जेएसी की कार्यकारी समिति तय करेगी और आने वाले कुछ दिनों में इस संबंध में पीजीआई प्रशासन को औपचारिक सूचना दी जाएगी।
ठेका कर्मचारियों का कहना है कि 12 अगस्त 2025 को पीजीआई निदेशक ने लिखित रूप में आश्वासन दिया था कि समान एवं समरूप वेतन के बकाये का भुगतान अधिसूचना के अनुसार किया जाएगा, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं किया गया है।
इसके अलावा ठेका कर्मचारियों के लिए चिकित्सकीय सुविधाएं, महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ, बोनस का भुगतान, खाली पदों पर नई और रिलीवरों की नियुक्ति, उत्पीड़न संबंधी मामलों की वापसी की भी मांग की गई।