रिसर्च प्रोजेक्ट और थीसिस में अवैध प्रैक्टिस करने
वाले पीजीआई के डाक्टरों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले साल गवर्निंग बाडी की मीटिंग में इस मुद्दे पर काफी कड़ा एक्शन लिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्व में आयोजित मीटिंग में फैसला लिया गया है कि आरोपी डाक्टरों से इस संबंध में जवाब मांगा जाए और पीजीआई डायरेक्टर को डाक्टरों के खिलाफ डिपार्टमेंटल कार्रवाई करने को कहा है।
गवर्ननिंग बाडी की मीटिंग में बताया गया कि पीजीआई प्रशासन को पिछले सालों में कुल चार शिकायते मिली थीं। इनकी शिकायत फेकल्टी मेंबर और मीडिया के तहत पीजीआई एडमिनिस्ट्रेशन को मिली थी।
उसके बाद यह मुद्दा पीजीआई की गवर्ननिंग बाडी के पास भेजा गया, जिसमें बताया गया कि चार डाक्टरों के खिलाफ प्रोजेक्ट कार्यों में अनैतिक प्रैक्टिस की बात सामने आई है।
इन डाक्टरों ने दूसरे काम को अपना बताकर उस पर क्लेम किया हुआ है। चारों डाक्टरों से जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद पीजीआई डायरेक्टर ही तय करेंगे कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।