नीति आयोग की हेल्थ सूचकांक रिपोर्ट में यूटी कैटेगरी में चंडीगढ़ दूसरे पायदान से पहले स्थान पर पहुंच गया है। साल 2015-16 में ओवरआल परफॉर्मेंस में चंडीगढ़ को 52.27 फीसदी अंक हासिल हुए थे, जबकि साल 2017-18 में 63.62 अंक मिले हैं। यह रैंकिंग 23 पैरामीटर पर आधारित है। अधिकतर पैरामीटर पर चंडीगढ़ ने सुधार किया है, जबकि कुछ में अब भी सुधार की गुंजाइश बाकी है। टीकाकरण में पिछली बार चंडीगढ़ को 93.6 अंक मिले थे, जबकि मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट में गिरावट दर्ज की गई है। इस बार टीकाकरण में 83.4 अंक मिले हैं। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह रिपोर्ट साल 2017-2018 की है। जबकि साल 2018-2019 की रिपोर्ट में चंडीगढ़ टॉप पर रहेगा।
इन पैरामीटर में जबरदस्त सुधार
खाली पदों को भरने में- चंडीगढ़ ने डॉक्टर व नर्सों के खाली पदों को भरने पर सबसे ज्यादा सुधार किया है। चाहे वह एएनएम की पोस्ट हो या फिर पीएचसी स्तर पर मेडिकल ऑफिसर की। सभी में जबरदस्त सुधार किया है। एएनएम की वैकेंसी का रेट 29.41 था। एक साल में ही एएनएम के खाली पदों का रेट 14.71 में पहुंच गया है। पीएचसी स्तर पर वैंकेंसी का लेवल 6.19 था, जबकि इस बार यह वैल्यू 0.00 पर पहुंच गया है।
प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच में- चंडीगढ़ ने जिस पैरामीटर में सबसे ज्यादा उछाल पाया, वो है प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच। इसका मतलब है कि निचले स्तर पर एएनएम का काम काबिलेतारीफ है। पिछली बार की रिपोर्ट में प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच का स्कोर 36.79 फीसदी था, जबकि इस 66.34 फीसदी तक पहुंच गया है। चंडीगढ़ के लगभग सभी अस्पतालों में प्रेग्नेंट महिलाओं की जांच का जो स्टैंडर्ड हैं, वह शायद ही देश के किसी अस्पताल में होगा।
बीमारी की सर्विलेंस- किसी बीमारी की सर्विलेंस यह दर्शाता है कि आपका हेल्थ सिस्टम कितना मजबूत है? जब तक बीमारियों की रिपोर्टिंग नहीं होगी, तब तक उसे काबू करने की कोई नीति नहीं बन सकती। इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस में पिछली बार चंडीगढ़ को 88 प्वाइंट मिले थे, जबकि इस बार 93 मिले हैं। हालांकि, पुड्डूचेरी और दमन ने 100 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
यूटी में किसको कितने अंक
स्टेट पिछली बार अंक इस बार के अंक
चंडीगढ़ 52.27 63.62
दादरा नगर हवेली 34.64 56.31
लक्ष्यदीप 65.79 53.54
पुड्डचेरी 47.48 49.69
दिल्ली 50.02 49.42
अंडमान निकोबार 50.00 45.36
दमन एंड दीव 36.10 41.66
चंडीगढ़ के टॉप आने की प्रमुख वजह प्रोग्रामों की सटीक निगरानी और टीम के बीच बेहतर को-आर्डिनेशन रहा है। यह रिपोर्ट 2017-18 की है। टीकाकरण में इस समय चंडीगढ़ में सौ फीसदी लक्ष्य को पार कर लिया है। अगली रिपोर्ट में हम फिर से टॉप पर रहेंगे।
- डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग