देशभर से मरीज इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ आ रहे हैं, लेकिन यहां उनकी जान जोखिम में डालकर इलाज हो रहा है। पीजीआई में संचालित कैंटीन में अनुमति के बिना एलपीजी का प्रयोग कर खाना बनाया जा रहा है। एक महीने पहले ही वहां की एक कैंटीन में खाना बनाते समय आग लगने की घटना हो चुकी है।
मामला पीजीआई नेहरू अस्पताल के चौथे तल पर संचालित कैंटीन का है, जहां अनुमति न होने के बावजूद खुलेआम भोजन बनाया जा रहा है। अमर उजाला संवाददाता ने सोमवार को जब इसकी पड़ताल की तो देखा कैंटीन संचालन मनमाने तरीके से पीजीआई में काम कर रहा है। आग लगने के बावजूद पीजीआई प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है।
कैंटीन के साथ किचन मिला उपहार में
पीजीआई प्रशासन ने चौथी मंजिल के कैंटीन के टेंडर में उसे सिर्फ कैंटीन संचालन की अनुमति दी है, जबकि वहां उसके बगल के एक कमरे को किचन बनाया गया है। जहां 24 घंटे पराठा, कड़ी-चावल, राजमा, पूड़ी, मटर-पनीर सहित अन्य सामान बनाए व बेचे जा रहे हैं।
कई शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
वर्ष 2019 के रिकॉर्ड चेक करें तो कैंटीन से संबंधित शिकायत के मामले में कार्रवाई करते हुए कई प्वाइंट इंगित किए गए थे। 30 मई को हुई जांच में कमेटी ने पाया था कि वहां कैंटीन के नाम पर अवैध तरीके से एक कमरे पर भी कब्जा किया गया है।
इसके साथ ही वहां बिना अनुमति के काफी सामान बेचा जा रहा है। वहीं 10 जनवरी, 2010 को हुई जांच में भी कमेटी ने इन्हीं बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। कैंटीन में चाय-पकौड़ी के नाम पर वहां पिज्जा-बर्गर व मैगी बन रही है। बावजूद इसके प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।