14 फरवरी को जब दुनिया भर के लोग वेलेंटाइन डे मना रहे थे, एक नौजवान मौत से जूझ रहा था, लेकिन जाते-जाते वह चार लोगों की जान बचा गया। संगरूर निवासी 27 वर्षीय सुखविंदर ने दुनिया को अलविदा कहकर भी हमें मानवता का एक ऐसा पाठ पढ़ाया, जिसे जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकता।
पीजीआई में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा सुखविंदर वेलेंटाइन डे के दिन जिंदगी की जंग तो हार गया लेकिन दुनिया छोड़ने के बावजूद उसने चार लोगों को नई जिंदगी देकर उनके जीवन में खुशियां भर दीं। सुखविंदर के परिजनों ने अपने दु:ख को दरकिनार कर दूसरों की खुशियों के बारे में सबसे पहले सोचा और अंगदान का निर्णय लिया।
इसके बाद सुखविंदर की दोनों किडनी दो मरीजों को जबकि दोनों रेटिना दो दृष्टिहीनों में ट्रांसप्लांट की गई। जिला संगरूर (जिला) के तहसील सुनाम का रहने वाला सुखविंदर एक निजी कंपनी में इंजीनियर था। घर लौटते वक्त उसकी बाइक की किसी वाहन से टक्कर हो गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं।
परिजनों ने उसे खार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से 10 फरवरी को सुखविंदर को पीजीआई रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सुखविंदर को 14 फरवरी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।