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कोराना संक्रमितों को जीवनदान दे रही पीजीआई की एबीजी लैब, महज 5 मिनट में मिल जाती रिपोर्ट

Wed, 15 Jul 2020 10:49 AM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़

सार

  • ऑक्सीजन का स्तर जांचने में लैब अदा कर रही महत्वपूर्ण रोल  
  • अब तक 1103 कोरोना मरीजों की हो चुकी है लैब में जांच  
  • टेक्निकल स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी कर बचा रहा लोगों की जान
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कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोरोना महामारी के दौर में पीजीआई चंडीगढ़ का कोरोना डेडीकेटेड हॉस्पिटल गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे रोटेशन के अनुसार ड्यूटी करके मरीजों की जान बचाने में जुटे हुए हैं। इन सबके बीच हॉस्पिटल का ऑर्टेरिअल ब्लड गैस (एबीजी) एनालसिस लैब एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है।
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इस लैब में कोरोना के गंभीर मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा पता करने के साथ अन्य महत्वपूर्ण जांच भी चंद मिनटों में की जा रही हैं। कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी में शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को संतुलित रखना सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसी स्थिति में एबीजी लैब और उसके स्टाफ की मदद से गंभीर मरीजों को सही इलाज देकर उन्हें जीवनदान दिया जा रहा है।    

महज 5 मिनट में रिपोर्ट सामने  
एबीजी लैब के इंचार्ज राजिंदर कुमार ने बताया कि एक दिन में 50 से 60 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। टेस्ट के दौरान मरीज के शरीर में ऑक्सीजन के स्तर की जांच के साथ-साथ सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच भी की जाती है। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में काफी मदद मिलती है।
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इस जांच को करने में महज 5 से 10 मिनट का समय लगता है। इसके लिए मरीज की आर्टरी (धमनी) से खून का नमूना लिया जाता है। ऑक्सीजन लेवल की जांच के बाद यह तय किया जाता है कि मरीज को वेंटिलेटर पर रखना है या नहीं, या फिर उसे ऑक्सीजन की कितनी मात्रा देनी है।
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कोरोना में ऑक्सीजन का रोल अहम

कोरोना डेडीकेटेड हॉस्पिटल के इंचार्ज डॉ. विपिन कौशल ने बताया कि कोरोना के गंभीर मरीजों में ऑक्सीजन का लेवल मेंटेन करना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में एबीजी लैब की जांच काफी मददगार साबित होती है। इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा संतुलित करके उसके रेस्पेरेट्री सिस्टम को ठीक करने का प्रयास किया जाता है।

कई बार शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो मानक से ज्यादा होना भी खतरनाक साबित होता है। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन के साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य जरूरी गैसों की सही मात्रा का आकलन करके उसके आधार पर इलाज करने पर उसका परिणाम तेजी से सामने आ रहा है।   

20 टेक्निकल स्टाफ की टीम पर है दारोमदार  
पीजीआई के डीन एकेडमी व कोरोना के इंचार्ज डॉक्टर जी डी पूरी के नेतृत्व में एबीजी लैब में 20 टेक्निकल स्टाफ की टीम 24 घंटे कोरोना के मरीजों की एबीजी टेस्ट करने में जुटी है। रजिंदर कुमार ने बताया कि कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में स्थापित इस लैब में जर्मनी की लेटेस्ट टेस्ट मशीन लगाई गई है। इससे अब तक 1103 मरीजों की जांच की जा चुकी है।
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