कैंसर का खतरा सिर्फ पंजाब के शहरों में नहीं, बल्कि चंडीगढ़ में भी है। शुक्रवार को पीजीआई व टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की ओर से 2013-14 की जारी रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ के हर आठवें पुरुष में कैंसर का खतरा है, जबकि एक लाख की आबादी में 96 लोगों में कैंसर है।
हालांकि, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में कैंसर का खतरा थोड़ा कम है। पीजीआई की रिपोर्ट कहती है कि हर सात में से एक महिला में कैंसर हो सकता है। एक लाख की आबादी में 104.1 महिला कैंसर से पीड़ित हैं। हालांकि, जब विशेषज्ञों से पूछा गया कि आखिर चंडीगढ़ में कैंसर की वजह क्या है तो उनका कहना था कि इस बारे में जांच के बाद पता चलेगा। विशेषज्ञों को इसकी जांच करनी चाहिए। इस मौके पर होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल, पंजाब हेल्थ एंड फैमिली की प्रिंसिपल सेक्रेटरी अंजलि भावरा, पीजीआई डायरेक्टर प्रोफेसर जगत राम व प्रोफेसर जेएस ठाकुर मौजूद रहे।
एक साल में 71 लोगों की ज्यादा हुई मौत
रिपोर्ट में कैंसर से होने वाली मौतों के बारे में भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013-14 में कैंसर से कुल 358 लोगों की मौत हुई है, जबकि साल 2013 में 287 लोगों को कैंसर से जान गंवानी पड़ी थी। पुरुषों में हर एक लाख में से करीब 43 लोगों की मौत हुई। कैंसर से पीड़ित हर 14वें व्यक्ति को मौत का खतरा रहता है। इसी तरह से महिलाओं में हर एक लाख में 264 लोगों की मौत हुई है, जबकि कैंसर से पीड़ित हर 17 वीं महिला की मौत की संभावना है। साल 2013 में सेक्टर 38 और मनीमाजरा में सबसे ज्यादा मौतें हुई थीं, जबकि साल 2013-2014 की रिपोर्ट के मुताबिक मनीमाजरा और सेक्टर 37 में ज्यादा हुई है।
पंजाब के गांवों में कम, शहरों में ज्यादा
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पुरुषों में लंग्स कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर
रिपोर्ट ने पुरुषों और महिलाओं में होने वाले कैंसर के बारे में भी बताया है। पुरुषों में सबसे ज्यादा लंग्स कैंसर के केस हैं। उसके बाद प्रोस्टेट व गले का कैंसर है, जबकि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर उसके बाद सरविक्स और ओवरी कैंसर के केस आते हैं। चंडीगढ़ में ब्रेस्ट कैंसर के केस पूरे देश में तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर दिल्ली, दूसरे नंबर पर चेन्नई और चौथे नंबर पर बैंगलूरु है। इसी तरह से प्रोस्टेट कैंसर के मामले भी पूरे देश में तीसरे नंबर है।
आखिर क्यों ज्यादा है कैंसर
चंडीगढ़ में कैंसर क्यों ज्यादा है? कुछ कैंसर के बारे में तो विशेषज्ञों के पास कारण हैं। जैसे कि महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर। जानकारों का कहना है कि चंडीगढ़ में ब्रेस्ट कैंसर के पीछे महिलाओं की लाइफस्टाइल है। एक्सरसाइज और पौष्टिक भोजन न खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है। चंडीगढ़ के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का एक कारण सीनियर सिटीजन की बढ़ती आबादी है। 60 साल के बाद प्रोस्टेट कैंसर का खतरा रहता है। हालांकि लंग्स कैंसर के कारणों का जवाब विशेषज्ञों के पास नहीं है। कैंसर के ज्यादा केस होने के पीछे एक तर्क यह भी है कि चंडीगढ़ के लोगों में जागरूकता ज्यादा है। यहां पर डाइग्नोस्टिक सिस्टम ठीक है। विशेषज्ञों की थ्योरी है कि जब जांचे ज्यादा होंगी तो केस भी ज्यादा आएंगे।
पंजाब के गांवों में कम, शहरों में ज्यादा
रिपोर्ट एक पहलू यह भी है कि पंजाब के शहरों में कैंसर के केस ज्यादा है, जबकि गांवों में कम। मोहाली, संगरूर और मानसा का भी डाटा रिलीज किया गया। मोहाली में हर नौ में से एक पुरुष, संगरूर में 20 में से एक जबकि मानसा में 20 में से एक को कैंसर का खतरा है। इसी तरह से महिलाओं में सात में से एक, संगरूर में 17 में एक और मानसा में 20 में से एक को कैंसर का खतरा है।
चंडीगढ़ में कैंसर को रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। चार नए एनसीडी क्लीनिक खोले गए हैं। महिलाओं में होने वाले सरवाइकल, ब्रेस्ट और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग चल रही है। इससे कैंसर रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही जागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
-डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस