बता दें कि पीजी में करीब 10 से 12 कमरे हैं। हर एक कमरे में तीन से चार छात्राएं रहती थीं। वहीं पुलिस ने रविवार देर शाम की कार्रवाई के बाद देर शाम पीजी को सील कर पहरा लगा दिया है। हादसे की खबर पूरे शहर में फैलते ही दूसरे सेक्टरों के लोग मौत की पीजी का हाल देखने पहुंच रहे हैं। सेक्टर-30 निवासी राजबीर ने बताया कि अगर पीजी को सही तरीके से चलाया जाता तो यह घटना न होती।
पीजी से छात्राओं ने लिया अपना सामान
रविवार सुबह से ही 8 से 10 छात्राओं का पीजी के बाहर जमावड़ा था। छात्राओं ने बताया कि वह इसी पीजी में पिछले कई महीनों से रह रही थीं। कॉलेज में महाशिवरात्री की छुट्टियों पर सभी अपने अपने घर गई थीं। सीएफएसएल की टीम के लंबे जांच के बाद उन्हें उनका बैग और जरूरी दस्तावेज पुलिस कार्रवाई के बाद सौंप दिया।
मोबाइल समेत अन्य दस्तावेज बरामद
सूत्रों के अनुसार, सीएफएसएल की जांच में घटनास्थल से कुछ मोबाइल भी मिले हैं, जिसे टीम ने जब्त कर लिया है। इसके अलावा बैग, लैपटॉप, चार्जर, मोबाइल, कपड़े, बिजली बोर्ड, वायर समेत अन्य सामान जब्त किए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले को अच्छी तरह से खंगाला जा रहा है। दो दिन के रिमांड के दौरान पुलिस लगातार आरोपी से पूछताछ में जुटी हुई है।