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पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर, रोजाना धीरे-धीरे कर 7 रुपये तक बढ़े रेट

Mon, 11 Sep 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/हिसार
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- फोटो : File Photo
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देखते ही देखते पेट्रोल का दाम 70 रुपये प्रति लीटर हो गया और लोगों को पता तक नहीं चला। रोजाना अपडेट किए जा रहे पेट्रोल डीजल के दामों के कारण ऐसा हुआ है।  शुक्रवार को 30 पैसे की बढ़ोतरी के साथ यूटी में पेट्रोल का दाम 70.03 रुपये हो गया है। जबकि 20 पैसे की बढ़ोतरी डीजल में हुई और दाम 58.60 रुपये प्रति लीटर हो गया। हैरानी की बात तो यह है कि कच्चे तेल की कीमतें बेहद कम हैं। ऐसे में पेट्रोल डीजल के दाम घटने चाहिए थे। 
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जानकारों का कहना है कि मुताबिक चार साल पहले जब पेट्रोल केदाम 70 रुपये केपार हुए थे, तब कच्चे तेल की कीमत 120 रुपये लीटर के आस-पास थी, जबकि अब यह कीमत 50 से 52 रुपये है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोज बदलाव होने के बाद ज्यादातर लोगों का ध्यान इस ओर नहीं गया और नतीजा यह हुआ कि जुलाई से अब तक तेल कंपनियां पेट्रोल का दाम 6.60 रुपये और डीजल के दाम 4.06 रुपये तक बढ़ा चुकी हैं।

पहले सभी सरकारी कंपनियां हर पखवाड़े में कीमतों में बदलाव करती थीं। जिससे उनको अंतरराष्ट्रीय दाम के अनुसार किया जा सके और करेंसी में उतार-चढ़ाव के अनुसार समायोजन हो सके। 16 जून से तेल कंपनियों ने अपनी कीमतों में रोज बदलाव शुरू किया।
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हरियाणा का हाल भी देखिए...

petrol pump
ऐसा ही हाल हरियाणा का भी है, पिछले करीब सवा दो महीने में पेट्रोल के दाम सात रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए। डीजल में भी करीब पांच रुपये प्रति लीटर से अधिक का उछाल आ गया। रोजाना पेट्रोल-डीजल के दाम तय होने के चलते करीब 70 दिनों में रोजाना औसतन 10 पैसे के हिसाब से सात रुपये की बढ़ोतरी हो गई। 

डीजल-पेट्रोल के भाव अब रोजाना तय होते हैं, जिस कारण लोगों को हर रोज महंगाई की मार पड़ रही है। रोजाना महंगाई की मार छोटी है, इस कारण लोगों को एक साथ पता नहीं चलता। एक जुलाई को हिसार में पेट्रोल के दाम 63.30 रुपये प्रति लीटर थे। शनिवार नौ सितंबर को पेट्रोल के दाम 70.28 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए। डीजल के दाम में भी इसी तरह से बढ़ोतरी होती रही। डीजल एक जुलाई को 53.77 रुपये प्रति लीटर था। अब 58.57 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए। डीजल में भी उपभोक्ताओं को पांच रुपये प्रति लीटर की मार पड़ी है। 

जिले में रोजाना करीब छह करोड़ के डीजल-पेट्रोल की खपत होती है। ऑयल कंपनियों की ओर से रात 12 बजे से पेट्रोल-डीजल के दाम इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से तय किए जाते हैं। 

​मंत्री जी का तर्क भी पढ़िए

petrol
अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड 
पेट्रोल-डीजल की हिस्ट्री में बात करें तो एक सितंबर 2013 को पेट्रोल के रेट 75.63 तक पहुंच गए थे। एक जून 2013 को पेट्रोल के रेट 65.32 रुपये रिकॉर्ड किए गए थे। महज चार महीने में उस समय पेट्रोल के रेट 10 रुपये बढ़ गए थे। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पेट्रोल-डीजल के रेट बड़ा मुद्दा बनाए गए थे। 

19 रुपये लीटर कम होकर 56 तक आए पेट्रोल के रेट 
भाजपा की सरकार बनने के बाद पेट्रोल के दाम कई बार कम भी किए गए। अगस्त 2014 से पेट्रोल के दामों में कमी आना शुरू हुआ। मई 2015 में पेट्रोल के रेट 56 रुपये प्रति लीटर तक आ गए थे। यूपीए की सरकार से भाजपा सरकार में पेट्रोल के रेट में करीब 19 रुपये तक की कमी आई थी। अब फिर से पेट्रोल के रेट 70 के पार पहुंच गए।

मंत्री जी का तर्क भी पढ़िए
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि पहले अचानक ही कभी दो, कभी चार तो कभी छह से आठ रुपये दाम बढ़ जाते थे। इससे उपभोक्ता का बजट गड़बड़ा जाता था। अब ऐसा नहीं है। बाजार के हिसाब से रोजाना दाम घटते बढ़ते हैं। ऐसे में बढ़ोतरी मामूली होती है जबकि दाम यदि घटते हैं तो इसका फायदा उपभोक्ता को तुरंत दिया जाता है। इसके लिए उपभोक्ता को इंतजार नहीं करना पड़ता। 

ऐसे बदलते रहे दाम 

petrol
ऐसे बदलते रहे दाम 
पेट्रोल
4 जुलाई 63.25
1 अगस्त 65.54
30 अगस्त 69.26
1 सितंबर 69.40
2 सितंबर 69.56
3 सितंबर 69.69
4 सितंबर 69.80
5 सितंबर 69.85
9 सितंबर 70.03
10 सितंबर 70.40
 
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ऐसे बदलते रहे डीजल के दाम

petrol pump
डीजल
4 जुलाई 54.21
1 अगस्त 56.36
12 अगस्त 57.95
30 अगस्त 57.82
1 सितंबर 57.94
5 सितंबर 58.27
9 सितंबर 58.60
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