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Petrol Diesel Price: 53 दिन में 24 बार बढ़े दाम, चंडीगढ़ में उच्चतम स्तर पर पहुंचे पेट्रोल-डीजल 

Mon, 22 Feb 2021 11:10 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पेट्रोल डीजल की कीमत आज: चंडीगढ़ में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचे पेट्रोल डीजल के दाम। - फोटो : अमर उजाला
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2021 के 53 दिन बीत चुके हैं। इन 53 दिनों में अब तक 24 बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं। चंडीगढ़ में पेट्रोल और डीजल अब तक के उच्चतम दाम पर बिक रहा है। इससे पहले कभी भी शहर में पेट्रोल-डीजल इतना महंगा नहीं बिका। चंडीगढ़ में सोमवार को पेट्रोल का भाव 87.16 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 80.67 रुपये प्रति लीटर रहा। बढ़ती महंगाई से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। 
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पिछले 12 दिनों से पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही थी। हालांकि रविवार को रेट नहीं बढ़े। पेट्रोल-डीजल के रेट पिछले साल से बढ़ रहे हैं। 30 अप्रैल 2020 को चंडीगढ़ में पेट्रोल 65.82 रुपये प्रति लीटर था। इस दौरान लॉकडाउन लगा था और कोरोना की रोकथाम के लिए सरकारी खजाने से मदद की जा रही थी। इससे यूटी और केंद्र सरकार का भी बजट गड़बड़ाने लगा था।


इसकी कमी को पूरा करने के लिए पहले केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई और फिर चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब पांच फीसदी वैट बढ़ा दिया। इससे चंडीगढ़ में पेट्रोल 68.62 रुपये प्रति लीटर और डीजल 62.02 रुपये प्रति लीटर हो गया था। उस समय रेट कम थे, तो लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं आई, लेकिन उसके बाद पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने लगे और फिर नीचे नहीं आए।
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पेट्रोल पर कितना टैक्स लग रहा
  • पेट्रोल का बेसिक मूल्य            31.82 रुपये
  • रिफाइनरी मूल्य                       0.28 रुपये
  • एक्साइज ड्यूटी                      32.98 रुपये
  • डीलर का कमीशन (औसत)       3.68 रुपये
  • वैट                                       15.41 रुपये
(इंडियन ऑयल कारपोरेशन के मुताबिक 16 फरवरी का ब्रेकअप)

पेट्रोल पंप की बिक्री में 15-20 फीसदी की गिरावट
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर पेट्रोलियम कंपनियों की बिक्री पर पड़ा है। चंडीगढ़ के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 15 से 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। चंडीगढ़ सेक्टर-28 के पेट्रोल पंप पर रोजाना 40 हजार लीटर पेट्रोल की बिक्री होती थी, जो अब घटकर 30 से 32 हजार लीटर पर पहुंच गई है।

इसी तरह सेक्टर चार स्थित पेट्रोल पंप पर भी बिक्री प्रभावित हुई है। यहां भी बिक्री में 15 से 20 फीसदी की गिरावट आई है। पेट्रोल पंप डीलरों ने बताया कि कोरोना के बाद से पेट्रोल पंपों की बिक्री प्रभावित हो गई थी। लॉकडाउन खुलने के बाद इसमें सुधार आया था, लेकिन साल की शुरुआत से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही फिर से बिक्री पर असर पड़ने लगा है।

पेट्रोल-डीजल के बढ़े भाव से मध्य वर्गीय परिवार पर काफी असर पड़ा है। कई लोगों ने अब पेट्रोल डलवाना कम कर दिया है। इससे बिक्री प्रभावित हुई है। सरकार को जल्द राहत देनी होगी, वर्ना कई दूसरी चीजें महंगी हो सकती हैं। -अमनप्रीत सिंह, जनरल सेक्रेटरी, चंडीगढ़ पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन

कोरोना के बाद से पेट्रोल-डीजल की बिक्री प्रभावित हुई थी। रेट बढ़ने के बाद बिक्री में और कमी आ गई है। बढ़ते रेट अब उपभोक्ताओं पर असर डालने लगे हैं। यदि रेट ऐसे बढ़ते रहे तो मार्च के पहले हफ्ते में पेट्रोल के रेट 100 रुपये तक पहुंच सकते हैं। -सिद्धांत दास, डीलर पेट्रोल पंप सेक्टर चार 

क्या कहना है दोपहिया वाहन चालकों का
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घर चलाना मुश्किल हो रहा है
कोरोना की वजह से पहले ही सैलरी कम हो गई है। अब पेट्रोल के दाम बढ़ आसमान छू रहे हैं। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। -गुरप्रीत कौर, टीचर

पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स कम हो
पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स कम होना चाहिए। इसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा। दिन प्रतिदिन दाम बढ़ रहे हैं। इससे हमारे खर्चे बढ़ रहे हैं। परिवार पर भी इसका बोझ बढ़ रहा है। - सुनीता, गृहिणी

वाहन चलाना कम कर दिया
रोजाना पेट्रोल के दाम बढ़ने से जेब पर फर्क पड़ने लगा है। अब तो मैंने वाहन चलाना ही कम कर दिया। अब तो मैं कई बार मार्केट पैदल चली जाती हूं। वक्त तो लगता है, लेकिन अब किया जा सकता है। -मालविका, नौकरीपेशा

महंगाई ने तो कमर तोड़ डाली
पहले भी कई सरकारें आई हैं, लेकिन इस सरकार के आने के बाद से लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। खासकर पेट्रोल के दाम दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। आम जनता कब तक महंगाई का बोझ उठाएगी। - जतिंदर सिंह, बिजनेसमैन

क्या कहना चार पहिया चालकों का
तनख्वाह बढ़ती नहीं, खर्चे बढ़ रहे
नौकरी पेशा करने वाले आम आदमी की तनख्वाह तो बढ़ नहीं रही। कोरोना की वजह से इंक्रीमेंट भी नहीं लगा। ऊपर से सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ा रही है। इस पर तुरंत लगाम लगनी चाहिए ताकि महंगाई कम हो। -खुशहाल मिंगलानी, नौकरीपेशा

पेट्रोल ने खर्च बढ़ा दिया है

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ने लगा है। पेट्रोलियम की महंगाई से रोजाना की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। यदि सब्जियों के रेट बढ़े तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा।  -बीएस रंधावा, बिजनेसमैन

कब तक चलेगा काम
पहले कुछ ही दिन पेट्रोल के दाम बढ़ते थे, लेकिन अब तो रोजाना दाम बढ़ रहे हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। सरकार चाहे तो पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो सकते हैं, लेकिन फिर भी ऐसा नहीं हो रहा। -रूपा, टीचर 

बजट खराब हो रहा है
पेट्रोल के बढ़ते दाम से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। रोजाना बढ़ रही कीमतों ने रुटीन के खर्च बढ़ा दिए हैं। सरकार को पेट्रोल व डीजल के दाम को जीएसटी के दायरे में ले आए तो इससे काफी हद तक समस्याएं सुलझ जाएंगी। -सुभाष छिब्बर, रिटायर कर्मी
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क्या कहते हैं ट्रांसपोर्टर

डीजल के रेट में बढ़ोतरी से काम करना कठिन हो गया है। हमारा खर्च भी बढ़ गया है, फिर भी हम पुरानी दरों पर ही माल पहुंचा रहे हैं। इससे काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यदि जल्द ही डीजल के रेट पर लगाम नहीं कसी गई तो हड़ताल के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। -केके अबरोल, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन चंडीगढ़

कोरोना से पहले ही बुरी हालत में था ट्रांसपोर्ट

कोरोना की वजह से पहले से ही ट्रांसपोर्ट बुरे दौर से गुजर रहा था। अब डीजल की बढ़ती कीमतों ने कारोबार की कमर तोड़ दी है। राज्य और केंद्र सरकार को अपने-अपने टैक्स में कमी कर पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत देनी चाहिए। राहत नहीं मिली तो कारोबार पर काफी असर पड़ेगा। - बजरंग शर्मा, महासचिव ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन चंडीगढ़

क्या कहता है विपक्ष
जब कांग्रेस की सरकार थी तब क्रूड आयल 144 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, फिर भी पेट्रोल के दाम 70 रुपये से ऊपर नहीं गए। मोदी सरकार ने लोगों के साथ धोखा किया है। सरकार ने जनता से वादा किया था कि पेट्रोल और डीजल के दाम कम करेंगे, लेकिन यह तो उलटा हो रहा है। -हरमेल केसरी, एआईसीसी मेंबर चंडीगढ़

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर चीज के रेट बढ़ेंगे। सरकार को इस विषय में सोचना चाहिए। लोगों को इससे निजात दिलानी चाहिए, लेकिन सरकार इससे पल्ला झाड़ रही है। कह रही है कि पिछली सरकार की वजह से पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। छह साल से आप सत्ता में हो तो फिर कैसे पुरानी सरकार पर अपना ठीकरा फोड़ सकते हो। -कौशल सिंह, आप नेता चंडीगढ़

क्या कहता है सत्ता पक्ष
डीजल-पेट्रोल के दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं

पेट्रोल और डीज़ल के दाम वैश्विक बाजार तय करता है। सरकार ने महंगाई कम करने के लिए समय-समय पर दाम घटाए हैं। तेल के दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। इसे तकनीकी तौर पर मुक्त कर दिया गया है। तेल कंपनियां कच्चा तेल आयात करती हैं। केंद्र व राज्य दोनों को ईंधन मूल्य में कमी लाने के लिए बात करनी चाहिए। - शक्ति प्रकाश देवशाली, पार्षद 
 
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