जज साहब, टीचर्स अपने फोन में बिजी रहते हैं और स्टूडेंट्स क्लासरूम में ही रासलीला रचाते रहते हैं। ये नजारा होता है चंडीगढ़ के मॉडल स्कूलों में।
स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की एक सदस्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बयां की एक मॉडल स्कूल में अश्लीलता की कहानी। इसने श्ाहर के सरकारी स्कूलों में छात्रों को अच्छी शिक्षा दिलाने के दावे की पोल स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की एक सदस्य ने खोल ही है।
याचिका में कहा गया है कि शहर की एक कालोनी में सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक फोन पर व्यस्त रहते हैं और क्लासरूम में छात्र-छात्राएं अश्लील हरकतें तक करते हैं। यहां आवश्यक सुविधाओं की भी कमी है, ऐसे में इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य आखिर कैसे संवर सकता है।
एसएमसी सदस्य दिप्ती ने एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने अदालत में एक सीडी भी पेश की। जिसमें रिकार्ड वीडियो में छात्र-छात्राओं की अश्लील हरकतें कैद थीं।
हालांकि इस याचिका पर हाईकोर्ट ने यह मामला डीपीआई स्कूल्स के पास उठाने को कहा। ऐसे में याची ने कहा कि मांग पत्र दिया जा चुका है। हाईकोर्ट ने मामले में कोई निर्देश जारी नहीं किया, लेकिन डीपीआई को मांग पत्र का उचित निपटारा करने को कहा है।