चंडीगढ़। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की हथकड़ी लगाने की याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी। साथ ही अदालत ने आदेेश जारी किए हैं कि कोरोना के चलते हाईकोर्ट के अगले निर्देश आने तक सुनवाई के दौरान आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही अदालत में पेश किया जाए।
अदालत ने कहा कि भागने के डर से पुलिस और शिकायतकर्ता की तरफ से हथकड़ी लगाने की मांग की जा सकती है, लेकिन आरोपी की तरफ से दायर याचिका को मंजूरी नहीं दी जा सकती। यह मंजूरी आरोपी के हिरासत से भागने की कोशिश पर दी जा सकती है। लॉरेंस बिश्नोई के एडवोकेट तरमिंदर ने तर्क देते हुए कहा कि लॉरेंस को चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-11 फायरिंग मामले में भी झूठा फंसाने की कोशिश की थी, जिसमें अदालत ने उसे बरी कर दिया था। अभी भी उसे इसलिए फंसाया जा रहा है क्योंकि वह जेल से बाहर नहीं आता है। उसकी जान को खतरा है। उसका हिरासत से भागने के नाम पर झूठा एनकाउंटर किया जा सकता है।
लॉरेंस बोला- चंडीगढ़ पुलिस झूठा एनकाउंटर करने की फिराक में
लॉरेंस बिश्नोई ने याचिका में कहा था कि पिछले महीने सेक्टर-33 स्थित सिंगला हाउस और सेक्टर-9 में हुई फायरिंग मामले में उसका नाम शामिल किया गया है। दोनों केस में उसकी कोई भूमिका नहीं है क्योंकि वह पिछले 2 साल से राजस्थान के भरतपुर की जेल में बंद है लेकिन चंडीगढ़ पुलिस जानबूझकर उसे फंसा रही हैं। उसने कोर्ट को बताया कि जानबूझ कर उसे हथकड़ी नहीं लगाई जाती ताकि भागने का बहाना बनाकर चंडीगढ़ पुलिस उसका एनकाउंटर कर दे।