हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके पुत्र पूर्व विधायक अजय चौटाला की पेंशन रोकने की मांग को लेकर दायर याचिका वापस ले ली गई है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि पहले यह मामला अधिकृत अथॉरिटी के पास यानी विधानसभा सचिवालय के पास उठाया जाना चाहिए था। इस पर याचिकाकर्ता एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने याचिका वापस ले ली। अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि हरियाणा लेजिस्लेटिव एसेंबली सैलेरी, ग्रेच्युटी एंड पेंशन एक्ट के तहत किसी प्रतिनिधि को उस अवधि की पेंशन नहीं दी जा सकती, जिस अवधि के लिए कोर्ट अयोग्य ठहरा चुकी हो।
इस दलील के साथ पेंशन बंद करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा है कि पहले यह मामला विधानसभा सचिवालय के समक्ष उठाया जाना चाहिए था।
इस पर अरोड़ा ने अधिकृत अथॉरिटी के पास मामला उठाने की छूट देने की मांग करते हुए याचिका वापस लेने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने याचिका डिसमिस्ड ऐज विड्रान कर दी।