चंडीगढ़। डड्डूमाजरा कॉलोनी में सोमवार सुबह पड़ोसी के पालूत कुत्ते ने तीन वर्षीय बच्ची पर हमला कर उसे बुरी तरह काट लिया। हमले में बच्ची के माथे और गाल पर घाव हो गए और स्किन भी उतर गई। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की सर्जरी करनी पड़ेगी। घटना के वक्त बच्ची के पिता ड्यूटी पर गए थे। बच्ची अपनी नानी के घर पर थी और बाहर बिस्कुट लेने के लिए निकली थी। पिता की शिकायत के बाद मलोया थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची की पहचान मन्नत के रूप में हुई है। उसके पिता अमन का आरोप है कि पड़ोसियों ने एक कुत्ता पाल रखा है और उसी कुत्ते ने उनकी बेटी पर हमला किया। उनका कहना है कि कुत्ते के हमले के बाद से उनकी बेटी दहशत में है।
पिता अमन के मुताबिक, मन्नत के मामा ने उसे कुत्ते के चंगुल से बचाया। उन्होंने ईंट मारी तब जाकर कुत्ता वहां से भागा। बताया कि घायल मन्नत को वह अस्पताल लेकर गए जहां उसे तीन इंजेक्शन लगाए गए। बाकी इंजेक्शन का कोर्स लेना पड़ेगा। उनका कहना है कि उन्होंने मलोया थाने में पड़ोसी के खिलाफ शिकायत दी लेकिन थाने पहुंचा पड़ोसी मुकर गया और कहा कि उसने कुत्ता नहीं पाला है। उनका कहना है कि थाने में पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं, कॉलोनी के सतिंदर नामक व्यक्ति ने भी बताया कि मन्नत पर हमला करने वाला कुत्ता इससे पहले सुबह सैर के लिए जा रही उनकी पत्नी के पीछे भी पड़ गया था। डंडा दिखाने पर वह भागा। बताया कि कुत्ता काफी खतरनाक है।
बीते वर्ष डॉग बाइट के आठ हजार मामले आए थे सामने
आंकड़े के मुताबिक, पिछले वर्ष शहर में डॉग बाइट के लगभग आठ हजार मामले सामने आए थे। वहीं, वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 5,363 था। वर्ष 2020 में डॉग बाइट के 13,447 मामले आए थे और उसके अगले वर्ष 2021 में डॉग बाइट के 6,306 केस थे। एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2015 से अब तक शहर में लगभग 25 हजार से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके बावजूद लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ने और डॉग बाइट की घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं।