विभागीय सूत्र यह भी बताते हैं कि आरोपी को किसी की शिकायत पर बाइक सहित काबू किया गया था, जिसकी दस्तावेजों में गिरफ्तारी अभी तक नहीं दिखाई गई थी। आरोपी की मौत के बाद तो थाना सिटी में हड़कंप मच गया। एसएचओ किरपाल सिंह ने पहले मोबाइल ऑफ कर दिया। जब एसएसपी नवनीत सिंह बैंस और डीएसपी सब-डिवीजन मनिंदरपाल सिंह को कई बार फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव ही नहीं की।
जबकि एसपी (देहात) हरविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें मालूम नहीं। फिर फोन किया तो एसएचओ ने गिरफ्तार करने की बात कबूली लेकिन मौत के सवाल पर झेंप गए। वहीं सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. संदीप धवन ने कहा कि पुलिसकर्मी जिस व्यक्ति को लेकर आया था, वह पहले से मृत था, शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
मृतक की पत्नी का खुलासा
मृतक की पत्नी सीमा ने कहा कि उसे दोपहर थाना सिटी से फोन आया कि वह अपने हवालाती पति रोशन लाल को खाना देकर जाए। कुछ घंटे बाद थाने से फिर फोन आया कि उसके पति की मौत हो गई है और सिविल अस्पताल से उसका शव ले जाए। उसका कहना है कि उसके पति को कोई बीमारी नहीं थी।
डीआईजी जालंधर रेंज एस भूपति ने कहा कि ऐसा मुमकिन नहीं है। पुलिस का काम पूरी तरह से पारदर्शी है। वह इस मामले के संदर्भ में एसएसपी से बात करके ब्रीफ करते हैं। एसएसपी कपूरथला नवनीत सिंह बैंस ने कहा कि मामले की जांच के लिए एसपी हरविंदर सिंह को मौके पर भेजा है। वह सत्यापित करने के बाद बताएंगे। मृतक की ऑन रिकॉर्ड गिरफ्तारी न होने और थाने से शव सीधे मोर्चरी में रखवाए जाने के सवाल पर एसएसपी ने चुप्पी साध ली और जांच में सब साफ होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।