इससे उसे करंट का झटका लगा। उसे सिविल अस्पताल कपूरथला लाया गया। वहां ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन विलाप करने लगे तो किसी ने करंट लगने वाले को रेत में दबाकर जिंदा करने की बात कही।
इस पर भीड़ शव को इमरजेंसी के बाहर पार्क में रेत में दबाकर जिंदा करने की कोशिश करने में जुट गई। फिर भी कुछ नहीं हुआ तो डेड बॉडी लेकर चले गए। हैरानी की बात है कि यह सब एसएमओ डॉ. तारा सिंह और थाना सिटी के एसएचओ एसआई हरजिंदर सिंह के साथ आई पुलिस के सामने होता रहा लेकिन किसी ने उनको रोकने की कोशिश नहीं की।
इससे अस्पताल परिसर में इस अंधविश्वासी कार्रवाई की चर्चा होती रही कि जो काम इलाज से संभव है, उसे टोटके कैसे कर सकते हैं। एसएमओ डॉ. तारा सिंह का कहना मृतक के परिजनों के साथ 150 से ज्यादा लोग थे जोकि उनसे लड़ने को आ रहे थे। इसलिए वह किसी को रोक नहीं सके। मृतक के परिजनों के उग्र होने पर उन्होंने पुलिस को भी बुलाया था।