नवंबर माह में बरसाती पानी निकासी की पाइप लाइन डालने का काम शुरू हुआ था लेकिन अभी तक 10 प्रतिशत काम हुआ है। धर्मशाला रोड से कन्या स्कूल तक पानी निकासी की जगह ही नहीं है। घटना की सूचना के बाद तहसीलदार विजय कुमार, शहर थाना प्रभारी यादविंद्र सिंह, सहायक थाना प्रभारी जगदीश चंद्र पुलिस टीम के साथ पहुंचे और दुकानदारों को समझाया। इसके बाद शव को नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम हाऊस में रखवाया। शाम को मामले में पुलिस ने मृतक के बुआ के बेटा राजीव के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव परिवार को सौंप दिया।
विधायक के सामने दुकानदारों ने की नारेबाजी
युवक की पानी से भरे गड्ढे में गिरकर मौत के बाद गुस्साए धर्मशाला रोड, तुलसी दास चौक, रतिया गेट के दुकानदार तुलसीदास चौक पर एकत्र हुए। जहां पर विधायक दुड़ाराम पहुंचे। विधायक के आते ही दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक ने कहा कि पानी निकासी को लेकर लापरवाही जनस्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद दोनों विभागों की है।
नप ने 70 लाख रुपये बरसाती पानी निकासी के लिए दिए और जनस्वास्थ्य विभाग ने साथ में गलियों के सीवरेज लाइन का एस्टीमेट बना दिया। पाइप लाइन डालने के बाद नप ने संभाला नहीं, इसकी जांच होगी। विधायक के समझाने के बाद नप कार्यालय में दो घंटे तक दोनों विभाग के अधिकारियों और पार्षदों की मीटिंग हुई। मीटिंग में विधायक ने तहसीलदार विजय कुमार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया, जो पानी निकासी का रास्ता निकालेगी।
मृतक महेश की बुआ के लड़के राजीव ने बयान दिए हैं कि महेश दूध लेने जा रहा था तभी वह पानी में गिर गया और डूबने से मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। - यादविंद्र सिंह, शहर थाना प्रभारी