28 मार्च को उन्हें भाई का फोन आया कि उसकी दुकान पर कोई पेंट करवा रहा है। पड़ोसी दुकानदार ने बताया कि दुकान किराए पर दे दी गई है। जब उसने प्रदीप से दुकान के बारे में बात की तो उसने कहा कि विक्की ने दुकान खरीद ली है।
वह अपनी पत्नी के साथ दुकान पर पहुंच गया। वहां से वह सीधे थाना बस्ती जोधेवाल पहुंचा और एसआई जसविंदर सिंह को शिकायत दी। वह अगले दिन विजय कुमार के साथ मौके पर पहुंच गए। जांच के बाद उनके बयान लिखवा दिए गए और कार्रवाई के लिए बोल दिया गया।
अगले दिन दूसरे पक्ष ने क्या कहा कुछ पता नहीं चला तो कार्रवाई रुक गई। एसीपी से बात की गई तो उन्होंने जांच के बाद थाना प्रभारी गोल्डी विर्दी को जांच के आदेश जारी कर दिए। उसके बाद कुछ अकाली नेता बीच बचाव के लिए आ गए। कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उस पर लगातार प्रेशर डाला जाने लगा कि वह समझौता करे। वह कार्रवाई के लिए अड़ा रहा तो उसकी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब वह थाना प्रभारी के पास पहुंचा तो उल्टा उसे गाली देने लगे। अब उसकी पुलिस कमिश्नर से मांग है कि इस पर कार्रवाई की जाए।
क्या कहते हैं पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि पीड़ित परिवार के साथ बैठा था, उससे बात की गई है। मामले की जांच एडीसीपी वन को सौंपी गई है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अगर इस मामले में किसी पुलिस मुलाजिम की या फिर जिन पर आरोप लगाए हैं उनकी कोई शमुलियत पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।