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स्मार्ट घड़ी पहनने का कमाल, 67 प्रतिशत तक बढ़ गई चंडीगढ़ के निगम कर्मियों की कार्यक्षमता

Sun, 22 Nov 2020 03:58 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्मार्ट वॉच - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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स्मार्ट घड़ी पहनने के बाद चंडीगढ़ नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यक्षमता में 67 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। निगम और सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (इमटेक) के सामूहिक सर्वे में सामने आया है कि प्रत्येक छह घंटे बाद कर्मचारियों की कार्यक्षमता क्षेत्रवार पहले की तुलना में बढ़ गई है। यह सर्वे अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में किया गया है। 

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स्मार्ट घड़ी पर विवाद के बाद निगम ने इमटेक के साथ घड़ी पहनने वाले कर्मचारियों का क्षेत्रवार सर्वे कराया था। सर्वे टीम में निगम के एमओएच डॉ. अमृतपाल वडिंग और रवि सोहता शामिल थे जबकि इमटेक की तरफ से अमित कुमार धीमान, अजय चंदेल, मोहित कुमार व प्रोजेक्ट मैनेजर पूजा ग्रोवर शामिल थीं। 

टीम ने सुबह साढ़े 9 बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक अलग-अलग क्षेत्र में जाकर सर्वे किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि अगस्त में स्मार्ट घड़ी पहनने वाले 27 प्रतिशत कर्मचारी सबसे ज्यादा ऑफ लाइन रहे। वहीं सितंबर व अक्तूबर में 10 प्रतिशत कर्मचारी ऑफलाइन रहे। यह ऐसे कर्मचारी थे, जिन्होंने घड़ी नहीं पहनी थी। वहीं, अगस्त माह में 11 प्रतिशत कर्मचारी अपने क्षेत्र से बाहर दिखे जबकि सितंबर में 8 व अक्तूबर में 4 प्रतिशत कर्मचारियों को अपने क्षेत्र से बाहर देखा गया। हालांकि इसमें समस्या यह आ रही थी कि सुपरवाइजर मॉनिटरिंग सेल को सूचना दिए बिना ही कर्मचारियों को अन्य क्षेत्र में काम करने भेज दे रहे थे। इस समस्या को दूर कर लिया गया है। 
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तीन माह में घंटे के हिसाब से ऐसे बढ़ी कार्यक्षमता अगस्त माह 
0 से 1 घंटे में - 5 प्रतिशत
1 से 2 घंटे में - 3 प्रतिशत
2 से 4 घंटे में - 5 प्रतिशत
4 से 6 घंटे में - 6 प्रतिशत
6 घंटे से ज्यादा - 43 प्रतिशत
ऑफलाइन रहे - 27 प्रतिशत
क्षेत्र से बाहर रहे - 11 प्रतिशत

सितंबर 
0 से 1 घंटे में -  4 प्रतिशत
1 से 2 घंटे में - 2 प्रतिशत
2 से 4 घंटे में - 5 प्रतिशत
4 से 6 घंटे में - 7 प्रतिशत
6 घंटे से ज्यादा -  63 प्रतिशत
ऑफलाइन रहे - 10 प्रतिशत
क्षेत्र से बाहर रहे - 8 प्रतिशत

अक्तूबर 
0 से 1 घंटे में - 2 प्रतिशत
1 से 2 घंटे में - 2  प्रतिशत
2 से 4 घंटे में - 6 प्रतिशत
4 से 6 घंटे में - 8  प्रतिशत
6 घंटे से ज्यादा - 67  प्रतिशत
ऑफलाइन रहे - 10 प्रतिशत
क्षेत्र से बाहर रहे - 4 प्रतिशत
 

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महापौर की कमेटी को भी देनी है स्मार्ट घड़ी की रिपोर्ट 

स्मार्ट घड़ी के विरोध में अक्तूबर गमें कर्मचारियों ने बवाल कर दिया था। हड़ताल कर कर्मचारियों ने शहर में कचरा नहीं उठाया था। उसके बाद यह मुद्दा सदन की बैठक में भी काफी उछला था। जिसके बाद फैसला लिया गया कि महापौर व अधिकारियों की एक कमेटी अपनी रिपोर्ट बनाकर देगी। इसके आधार पर तय होगा कि कर्मचारी घड़ी पहनेंगे या नहीं। यह रिपोर्ट नवंबर माह की सदन की बैठक में रखी जाएगी। 
 
सितंबर व अक्तूबर गमें 90 प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित रहे 
सर्वे के अनुसार, स्मार्ट घड़ी पहनने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति अगस्त माह में 73 प्रतिशत, सितंबर व अक्तूबर माह में 90 प्रतिशत रही। वहीं केवल अक्तूबर माह में 1 से 10 अक्तूबर तक 97 प्रतिशत, 11 से 20 अक्तूबर तक 98 प्रतिशत व 21 से 30 अक्तूबर तक 97 प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित थे। अक्तूबर माह में सबसे कम 10 अक्तूबर को 81 प्रतिशत उपस्थिति रही थी। वहीं माह में 16 दिन 90 प्रतिशत या उससे ज्यादा प्रतिशत कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा अक्तूबर में 140 स्मार्ट घड़ियां खराब निकलीं। 
 
6140 में से अभी 3942 कर्मचारियों के पास स्मार्ट घड़ी 
निगम के पास नियमित, अनुबंधित, संविदा, प्रतिदिन के हिसाब से वेतन पाने वाले कुल पंजीकृत कर्मचारी 6140 कर्मचारी हैं। इनमें से 3942 कर्मचारियों के पास अभी स्मार्ट घड़ी है। निगम कार्यालय के 13, एमओएच के 2182, अतिक्रमण हटाने वाले दस्ते के 14, आपातकाल विभाग के 33, बिजली विभाग के 85, बागवानी विभाग के 1027, बिल्डिंग व रोड विभाग के 269 और पब्लिक हेल्थ विभाग के 319 कर्मचारियों के पास स्मार्ट घड़ी है। 
शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए कर्मचारियों को स्मार्ट घड़ी दी गई है। समय और जिम्मेदारी से कर्मचारी काम करेंगे तो शहर की सुंदरता भी बरकरार रहेगी। जहां समस्या होगी, वहां कर्मचारियों के साथ खड़े होंगे। -केके यादव, आयुक्त, नगर निगम
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