स्मार्ट घड़ी पहनने के बाद चंडीगढ़ नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यक्षमता में 67 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। निगम और सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (इमटेक) के सामूहिक सर्वे में सामने आया है कि प्रत्येक छह घंटे बाद कर्मचारियों की कार्यक्षमता क्षेत्रवार पहले की तुलना में बढ़ गई है। यह सर्वे अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में किया गया है।
स्मार्ट घड़ी पर विवाद के बाद निगम ने इमटेक के साथ घड़ी पहनने वाले कर्मचारियों का क्षेत्रवार सर्वे कराया था। सर्वे टीम में निगम के एमओएच डॉ. अमृतपाल वडिंग और रवि सोहता शामिल थे जबकि इमटेक की तरफ से अमित कुमार धीमान, अजय चंदेल, मोहित कुमार व प्रोजेक्ट मैनेजर पूजा ग्रोवर शामिल थीं।
टीम ने सुबह साढ़े 9 बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक अलग-अलग क्षेत्र में जाकर सर्वे किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि अगस्त में स्मार्ट घड़ी पहनने वाले 27 प्रतिशत कर्मचारी सबसे ज्यादा ऑफ लाइन रहे। वहीं सितंबर व अक्तूबर में 10 प्रतिशत कर्मचारी ऑफलाइन रहे। यह ऐसे कर्मचारी थे, जिन्होंने घड़ी नहीं पहनी थी। वहीं, अगस्त माह में 11 प्रतिशत कर्मचारी अपने क्षेत्र से बाहर दिखे जबकि सितंबर में 8 व अक्तूबर में 4 प्रतिशत कर्मचारियों को अपने क्षेत्र से बाहर देखा गया। हालांकि इसमें समस्या यह आ रही थी कि सुपरवाइजर मॉनिटरिंग सेल को सूचना दिए बिना ही कर्मचारियों को अन्य क्षेत्र में काम करने भेज दे रहे थे। इस समस्या को दूर कर लिया गया है।
तीन माह में घंटे के हिसाब से ऐसे बढ़ी कार्यक्षमता अगस्त माह
0 से 1 घंटे में - 5 प्रतिशत
1 से 2 घंटे में - 3 प्रतिशत
2 से 4 घंटे में - 5 प्रतिशत
4 से 6 घंटे में - 6 प्रतिशत
6 घंटे से ज्यादा - 43 प्रतिशत
ऑफलाइन रहे - 27 प्रतिशत
क्षेत्र से बाहर रहे - 11 प्रतिशत
सितंबर
0 से 1 घंटे में - 4 प्रतिशत
1 से 2 घंटे में - 2 प्रतिशत
2 से 4 घंटे में - 5 प्रतिशत
4 से 6 घंटे में - 7 प्रतिशत
6 घंटे से ज्यादा - 63 प्रतिशत
ऑफलाइन रहे - 10 प्रतिशत
क्षेत्र से बाहर रहे - 8 प्रतिशत
अक्तूबर
0 से 1 घंटे में - 2 प्रतिशत
1 से 2 घंटे में - 2 प्रतिशत
2 से 4 घंटे में - 6 प्रतिशत
4 से 6 घंटे में - 8 प्रतिशत
6 घंटे से ज्यादा - 67 प्रतिशत
ऑफलाइन रहे - 10 प्रतिशत
क्षेत्र से बाहर रहे - 4 प्रतिशत