पुलिस के वाहन के आगे लेटी महिला।
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि डड्डूमाजरा कालोनी में टीकाकरण का प्रतिशत कम था लेकिन कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत की, जिससे अब ज्यादा संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अभी भी सावधान रहने की जरूरत है और मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना है। पूरे देश में साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इसके अलावा 76 देशों को छह करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज भारत ने उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि सारा समाज इसी प्रकार से टीकाकरण में भाग लेगा और कोविड के सभी नियमों का पालन करेगा तभी हम इस महामारी का जल्द खात्मा कर सकेंगे।
कांग्रेसियों ने किया हंगामा, पुलिस ने लिया हिरासत में
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के डड्डूमाजरा में पहुंचने से पहले कांग्रेस व स्थानीय लोग उनका इंतजार कर रहे थे। इन लोगों का कहना था कि वह डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री से बात करना चाहते हैं। इस पर पुलिस ने उन्हें मौके से जाने को कहा लेकिन वह नहीं गए। इन लोगों में कांग्रेस के कुछ नेता व कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कोरोना टीकाकरण में भी राजनीति कर रहे हैं। सरकारी डिस्पेंसरी पर भाजपा के झंडे लगाए जा रहे हैं, ये ठीक नहीं है। इस पर पुलिस ने उन्हें रोका और जब लोगों का विरोध बढ़ा तो सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस की गाड़ी में जबरन ले जाया गया। इस दौरान एक महिला पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गई और कहा कि वह तब तक नहीं उठेंगी, जब तक उनकी बातों को केंद्रीय मंत्री नहीं सुनते। हालांकि पुलिस कर्मियों ने उन्हें उठाकर गाड़ी में बिठाया और फिर मौके से ले गए।
दो गज की दूरी का भी नहीं हुआ पालन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भले ही सुरक्षित शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करने के निर्देश देते रहे लेकिन पूरे कार्यक्रम के दौरान दो गज दूरी की धज्जियां उड़ती रहीं। भाजपा के कार्यकर्ता लाइन में लगकर डॉ. हर्षवर्धन का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं के बीच एक गज की भी दूरी नहीं थी। वहीं डॉ. हर्षवर्धन के पहुंचने के बाद उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए भी लोग काफी उत्साहित नजर आए।
भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा स्वास्थ्य कर्मियों में भी सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। टीकाकरण केंद्र के अंदर भी काफी लोग दाखिल हो गए, जिससे कि वहां टीका लगवाने के लिए उपस्थित लोगों को काफी असुविधा हुई। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने कई बार ऐसे लोगों को मास्क लगाने के लिए टोका, जिन्होंने मास्क ठीक से नहीं लगाया था।