डब्ल्यूपीएल खेलने का सपना आज पूरा हो गया
काशवी ने मुंबई से फोन पर बताया कि डब्ल्यूपीएल में खेलना उसका सपना था, जो आज पूरा हो गया। लीग में देश और विदेश की बेहतरीन महिला खिलाड़ी खेलेंगी। उनके साथ खेलने के अनुभव से खेल और निखार आएगा। उन्होंने बताया कि वह पहले सेक्टर-32 में रहती थीं, लेकिन इस वर्ष कोच नागेश गुप्ता ने पीरमुच्छला में क्रिकेट अकादमी शुरू किया। इसके बाद उन्हें घर शिफ्ट करना पड़ा, वह अभ्यास के लिए ढकोली में रहने लगीं हैं। कहा कि कोच नागेश गुप्ता की बदौलत आज इस मुकाम पर पहुंचीं हैं।
10 विकेट लेकर मचा दी थी धूम
काशवी तेज गेंदबाज हैं और बल्लेबाजी में भी बड़े शॉट लगाने में सक्षम हैं। बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद यूटी क्रिकेट एसोसिएशन से खेलते हुए वर्ष 2020 में महिलाओं की घरेलू अंडर-19 प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के लिए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वनडे मैच में हैट्रिक समेत दस विकेट लेकर उन्होंने धूम मचा दी थी।
एक पारी में दस विकेट चटकाने वाली वह देश की पहली महिला गेंदबाज बनीं। इस प्रदर्शन के बाद वह बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की नजर में आईं। इस साल काशवी ने बीसीसीआई सीनियर महिला टी-20 ट्रॉफी में चंडीगढ़ के लिए 12 विकेट लिए और कुल 112 रन बनाए। यह युवा खिलाड़ी बांग्लादेश में खेले गए एसीसी इमर्जिंग महिला एशिया कप के लिए भारतीय महिला टीम का भी हिस्सा थीं। गौतम को टूर्नामेंट में केवल दो मैच खेलने का मौका मिला जहां ज्यादातर मैच बारिश के कारण रद्द हो गए।