पहाड़ों की तलहटी में रहने वाले लोगों की किडनी में पथरी होने का ज्यादा खतरा रहता है।
यूरोलाजिस्ट का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में पत्थर तोड़ना इसका प्रमुख कारण है, क्योंकि इन क्षेत्रों में जो पत्थर तोड़े जाते हैं, उनके बारीक कण रेत में मिल जाते हैं और वहीं रेत जमीन के अंदर वाटर टैंक में घुल जाती है।
इस पानी का सेवन करने से किडनी में पथरी होती है। इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कैंडल फिल्टर (प्यूरीफायर) से छानकर पानी का सेवन करना चाहिए।
पंचकूला के जनरल हास्पिटल में ट्राइसिटी के अलावा हिमाचल के भी रोजाना करीब 60 मरीज ऐसे पहुंचते हैं, जिन्हें पथरी की शिकायत रहती है।
क्यों होती है पथरी
- हार्ड वाटर पीने (पोटैशियम और सोडियम युक्त पानी के सेवन) से
- कम पानी पीने के कारण
- ज्यादा तेल मसाला भी खतरनाक
लक्षण
- पेशाब पीला होना
- कम अंतराल पर बार-बार पेशाब होना
- पेशाब में जलन और रुक-रुककर होना
- पेशाब में खून आना
- बार-बार उल्टी, चक्कर और पसीना आना
पंचकूला में इलाज
किडनी या पेशाब मार्ग में होने वाली पथरी को आपरेट करने वाली लेजर मशीन पंचकूला के जनरल अस्पताल में ही उपलब्ध है। आठ करोड़ की लागत से यह मशीन खरीदी गई थी।
बिना चीड़-फाड़ ही आपरेशन
पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में लीथोट्रिप्सी वेब्स मशीन (किरणों के माध्यम से) से बिना चीड़-फाड़ के किडनी या पेशाब मार्ग की पथरी का आपरेशन किया जाता है।
किरणों के माध्यम से आधे घंटे में पथरी को आपरेट कर लिया जाता है और मरीज दो से तीन घंटे में घर जाने लायक हो जाता है।
आपरेशन होने के बाद भी वह घर का सारा काम भी कर सकता है। दो सीटिंग में मरीज को पथरी से राहत मिल जाती है। इस तरह का उपचार रोहतक के अस्पताल में भी होता है।
पथरी है तो इनके सेवन से बचें
- पालक और चौलाई। इनमें अत्यधिक ऑक्सेलेट पदार्थ होते हैं।
- फूल गोभी, बैगन और मशरूम। इनमें अत्यधिक यूरिक एसिड/प्यूरीन पदार्थ होते हैं, जिनसे पथरी बनती है।- फल और रस, चीकू और अंगूर। इनमें अत्यधिक ऑक्सेलेट पदार्थ होते हैं।
- स्ट्राबेरी और रस्पबेरी। ये आक्सेलेट के स्रोत हैं।
मांसाहारी खाद्य पदार्थ,
मटन, चिकन, मछली, अंडा। इनमें काफी मात्रा में यूरिक एसिड और प्यूरिन पदार्थ होते हैं।
इनसे भी करें परहेज
- काजू, चॉकलेट, चाय, काफी। इनमें अत्यधिक आक्सेलेट पदार्थ होते हैं। अत्यधिक नमक और चीनी वाले कार्बोनेटेड पदार्थ होते हैं। इनसे किडनी और पेशाब मार्ग में पथरी हो सकती है।
इनका सेवन लाभदायक
- अत्यधिक तरल पदार्थ का सेवन करें।
- नारियल, गाजर, केले, करेला। इनमें विटामिन बी6 की अधिक मात्रा होती है, जो शरीर में आक्सेलिक एसिड को तोड़ता है।
- नींबू। इसमें साइट्रेचर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिससे ये कैल्शियम ऑक्सेलेट स्टोन को बनने से रोकता है।
- तरबूज। इसमें पानी और पोटैशियम अत्यधिक मात्रा में होते हैं।
- पाइन एप्पल का रस। इसमें एंजाइम्स होते हैं, जो फाइबिंस को तोड़ते हैं। इससे गुर्दे की पथरी की रोकथाम होती है।
- फाइबर (जौ, जई)। ये भी पथरी बनने से रोकता है।
ट्राइसिटी के अलावा हरियाणा और हिमाचल के मरीज भी अल्ट्रासोनिक वेब्स मशीन का लाभ उठा रहे हैं। इस मशीन से बिना चीड़-फाड़ किए ही पथरी को आपरेट किया जाता है। यह सुविधा मरीजों को फ्री में दी जा रही है।
डा. ऊषा गुप्ता, पीएमओ, जनरल अस्पताल