छत्तीसगढ़ के नरायणगढ़ में आईटीबीपी कैंप में फायरिंग के दौरान मारे गए गांव जांगपुर निवासी सैनिक दलजीत सिंह का शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। सैनिक को अंतिम विदाई देने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग पहुंचे। सभी लोगों ने नम आंखों से दलजीत सिंह को अंतिम विदाई दी। दलजीत सिंह का पार्थिव शरीव को उनके बेटे बरिंदरजीत सिंह ने मुखाग्नि दी। आईटीबीपी बदोवाल के सैनिकों ने अंतिम सलामी दी।
आईटीबीपी 26 बटालियन के कमांडेंट सुदेश दौराल और उनके जवान पार्थिव शरीर लेकर गांव जांगपुर पहुंचे और परिवार के हवाले किया। सैनिक दलजीत सिंह आईटीबीपी में साल 2002 में भर्ती हुए थे। उसके पिता गुरदेव सिंह भी आईटीबीपी में सेवा कर चुके है। साल 1999 में गुरदेव सिंह जम्मू- कश्मीर में शहीद हो गए थे।
दलजीत सिंह के परिवार में अब उनकी पत्नी हरप्रीत कौर, बेटा बरिंदरजीत सिंह और बेटी जसमीन कौर हैं। जवान के चचेरे भाई विधायक (फगवाड़ा) बलविंदर सिंह धालीवाल ने बताया कि उन्हें भी इस हादसे की जानकारी गुरुवार को मिली। इससे पहले उनके चाचा भी शहीद हो चुके हैं। इससे परिवार को गहरा सदमा लगा है। इस मौके पर सीएम के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू सहित कई राजनीतिक दलों के नेता अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे थे।