जहरीली शराब के मामले में पंजाब पुलिस ने सोमवार को 12 और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जिनमें दो व्यापारी भी शामिल हैं। आठ आरोपियों की तलाश जारी है। प्राथमिक जांच में गिरफ्तार किए गए गोबिंदर, रवींद्र, दर्शना रानी, त्रिवेनी चौहान और हरप्रीत सिंह इस मामले में मुख्य आरोपी पाए गए हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 37 तक पहुंच गई है। मुख्य आरोपियों में लुधियाना में एक पेंट की दुकान का मालिक राजेश जोशी भी है।
इस भगोड़े व्यापारी से नकली शराब खरीदने वालों की संख्या काफी अधिक है जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापे जारी हैं। उसके गोदाम को सील कर दिया गया है। पिछले 24 घंटे में गिरफ्तार हुए आरोपियों में मोगा का रवींद्र सिंह आनंद भी शामिल है। मेकैनिकल जैक बनाने वाली फैक्ट्री चलाने वाले रवींद्र ने लुधियाना के कारोबारी से 11,000 रुपये प्रति ड्रम के हिसाब से नकली शराब के तीन केन (प्रत्येक 200 लीटर) खरीदे थे। उसने हाल ही में हैंड सैनिटाइजर बनाने की शुरुआत भी की थी।
रवींद्र के पास से ये तीन ड्रम मोगा के अवतार सिंह के पास पहुंचे जिसने इन्हें तरनतारन के गांव पंडोरी गोला के निवासी हरजीत सिंह और उसके दो बेटों सतनाम और शमशेर को 28,000 रुपये प्रति ड्रम के हिसाब से बेच दिए। उन्होंने 50,000 रुपये दिए थे और बाकी रकम अभी देनी थी। उन्होंने इन ड्रमों को अपने गांव के नजदीक झाड़ियों में छुपा दिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हरजीत और उसके बेटों ने 6,000 रुपये में गोबिंदर सिंह को इन ड्रमों में से नकली शराब बनाकर 42 बोतलें दीं। उसने इसमें 10 प्रतिशत मिलावट करके इनसे 46 बोतलें बना दीं।
उसने इन्हें 28 और 29 जुलाई को 23-23 बोतलें करके अवैध शराब का कारोबार करने वाली बलविंदर कौर के बेटों को बेच दिया। बलविंदर कौर को इस केस में सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उसने इस शराब में 50 प्रतिशत और पानी मिलाकर इसे आगे 100 रुपये के हिसाब से बेच दिया। रवींद्र सिंह ने और खुलासे करते हुए कहा है कि वह मोगा निवासी एक पेंट स्टोर के मालिक अश्वनी बजाज का सहयोगी है जिसको गिरफ्तार कर लिया गया है। रवींद्र से पूछताछ में राजेश जोशी का नाम सामने आया।