न्यू चंडीगढ़। न्यू चंडीगढ़ में स्थित मनोहर सोसाइटी और ईको सिटी - एक में लावारिस कुत्तों और संरक्षित पशुओं की बढ़ती संख्या अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। यह समस्या मुख्य रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। आवासीय क्षेत्र में लावारिस कुत्ते राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों पर हमला करते हैं, जिससे इलाके के लोगों में भय का माहौल है। संरक्षित पशुओं की आपसी लड़ाई से राहगीरों को और घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को हमेशा खतरा रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन सभी बेसहारा जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर भेजकर समस्या का समाधान किया जाए। पशु प्रेमियों का कहना है कि इनके साथ क्रूरता नहीं होनी चाहिए और उनके लिए उचित भोजन व रहने की व्यवस्था भी जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय तरीके से समाधान निकालने की अपील की है।
- न्यू चंडीगढ़ में मुख्य रूप से लावारिस कुत्तों का कहर छाया हुआ है। डॉग बाइटिंग के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। मनोहर सिंह एंड कोऑपरेटिव सोसाइटी में बीते एक महीने में 15-20 डॉग बाइटिंग के मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन से मांग है कि कुत्तों को सोसाइटी से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए। – मुकेश कटेवा, स्थानीय निवासी।
- संरक्षित पशुओं की संख्या दिन- प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। खास कर ईको सिटी में एक में अकसर लावारिस पशु झुंड में सड़कों पर देखे जाते हैं। कई बार सड़क पर लड़ाई कर रहे इन जानवरों की चपेट में आ कर घर के बाहर खड़ी गाड़ियां भी टूट जाती हैं और रास्ते में आने-जाने वाले लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं। – डॉ. करमजीत सिंह, स्थानीय निवासी।