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किसान आंदोलन : संपर्क मार्गों से ‘दिल्ली दूर नहीं’, गांवों से बिना रोकटोक गुजर रहे वाहन चालक   

Thu, 03 Dec 2020 10:18 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
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हरियाणा के गांवों से होकर दिल्ली जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा चल रहे आंदोलन के कारण हाईवे से दिल्ली में घुसना नामुमकिन है लेकिन संपर्क मार्गों से दिल्ली दूर नहीं है। बुधवार को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को झाड़ोदा बॉर्डर भी पूरी तरह सील कर दिया।
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दिल्ली-हरियाणा के संपर्क मार्ग पूरी तरह खुले रहे। यहां पर किसी तरह की कोई रोकटोक नजर नहीं आई। दिल्ली झाड़ोदा बॉर्डर पर स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ, बीएसएफ व सीआईएसएफ पूरी तरह डटी रही। 


सात वैकल्पिक मार्गों से दिल्ली जा सकते हैं लोग
दिल्ली जाने वाले वाहनों और आमजन की सुविधा के लिए झज्जर पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बताया कि जिला झज्जर में किसानों व अन्य संगठनों द्वारा किए गए दिल्ली चलो आह्वान पर किसान टीकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने का मुख्य मार्ग टीकरी बॉर्डर धरने के कारण बाधित है। इसलिए आम जनता से अपील है कि दिल्ली जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग जैसे बादली-ढांसा बॉर्डर दिल्ली, जरगदपुर चौक से मुंडेला दिल्ली, गांव गुभाना से बाकरगढ़ दिल्ली, गांव देवरखाना लोहट से गालिबपुर दिल्ली, गांव बाढ़सा से गालिबपुर दिल्ली, गांव लुक्सर से मुंडेला दिल्ली, और याकुबपुर-फरुखनगर-गुरुग्राम का रास्ता अपनाएं।

दिल्ली पुलिस ने औचंदी बार्डर, लामपुर बॉर्डर व सफियाबाद बॉर्डर को दूसरे दिन भी बंद रखा। हालांकि दूसरे दिन यहां वाहनों का जमावड़ा कम रहा। सैदपुर चौक पर मंगलवार को औचंदी बार्डर सील किए जाने के बाद वाहनों की कतार लग गई थी। बुधवार को चौक पर वाहनों की भीड़ कम ही रही। वाहन चालकों ने दूसरे रास्तों से दिल्ली में जाना शुरू कर दिया है।

मुख्य रास्तों से जाने के बजाय अब वाहन चालक हरियाणा-दिल्ली बार्डर पर लगने वाले गांवों के संपर्क मार्गों से निकल रहे हैं, लेकिन रास्ता पता नहीं होने के चलते उन्हें दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों से रास्ता पूछकर निकलना पड़ रहा है।

छोटे वाहन तो संपर्क मार्गों से निकल रहे हैं, लेकिन मालवाहक वाहन अभी बॉर्डरों पर ही डटे हुए हैं और उन्हें बॉर्डर के खुलने का इंतजार है। कई मालवाहक वाहनों में जहां लोहा, प्लाईवुड सहित खराब न होने वाला सामान है तो कई ट्रकों में किराना सहित ऐसा सामान भी है जिसे अगर जल्द ही गंतव्य तक पहुंचाया नहीं गया तो वह खराब हो सकता है। 
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