हरियाणा में पेंशनर की मृत्यु की स्थिति में संबंधित पारिवारिक व्यक्ति को खजाना या बैंक को पेंशनर की मृत्यु के बारे में 20 दिनों के अंदर मृत्यु की सूचना देनी होगी।
जिससे तुरंत पेंशन रोकी जा सके। ई-पेंशन प्रणाली के तहत पेंशनभोगी या पारिवारिक पेंशनभोगी को व्यक्तिगत रूप से पेंशन पेमेंट आर्डर या छह महीनों की अवधि में कम से कम एक बार अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से अद्यतन करवाना अनिवार्य है।
पेंशनभोगी या पारिवारिक पेंशनभोगी की मृत्यु के बारे में परिवार के सदस्यों द्वारा रिपोर्ट न करने की स्थिति में पेंशन या पारिवारिक पेंशन बंद हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि छह महीनों के बाद जब कभी मृत्यु के संबंध में परिवार द्वारा खजाने को रिपोर्ट की जाती है तो संबंधित खजाना अधिकारी संबंधित बैंक की शाखा को तुरंत खाता बंद करने का निर्देश देगा और अदा की गई अधिक राशि को सरकार को भेजेगा।
इस राशि और विवरण को ई-पेंशन प्रणाली में प्रविष्ट किया जाना है, ताकि पारिवारिक पेंशन जारी की जा सके।
प्रवक्ता ने कहा कि पात्र पारिवारिक पेंशनभोगी या पेंशनभोगी का परिवार चालान के माध्यम से अतिरिक्त राशि को खजाने में एकमुश्त जमा करने का विकल्प अपना सकता है। पारिवारिक पेंशन जारी करने के लिए खजाना अधिकारी को चालान की प्रति प्रदान कर सकता है।