पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पिछले एक साल से लंबित मामलों के निपटारे के प्रयासों के बेहतर परिणाम निकले। हाईकोर्ट समेत पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ की जिला अदालतों में मामलों के निपटारे में तेजी आई और इसके कारण महिला विरोधी अपराध, बाल अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में बड़ी संख्या में फैसला आया।
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हालांकि अभी भी काफी मामले लंबित हैं, लेकिन उसका कारण वर्ष 2013 में आए मामलों की संख्या का अधिक होना भी रहा। उधर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की जिला अदालतों में 11,39,140 मामले लंबित पड़े हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट में जजों के प्रस्तावित पद 68 हैं और अभी 47 जज हैं। इसी प्रकार जिला अदालतों में भी जजों की कमी भी है।
हाईकोर्ट की स्थिति
हाईकोर्ट में 2,62,760 मामले लंबित हैं, लेकिन इसमें 2013 में नए आए 1,23101 मामले भी शामिल हैं। लंबित पड़े मामलों में 2,00549 सिविल और 62,211 आपराधिक मामले शामिल हैं। पिछले साल एक लाख नौ हजार 623 मामलों का निपटारा हुआ।
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ये है पंजाब की स्थिति
19 जिला अदालतों में 5,23,759 मामले लंबित हैं, लेकिन पिछले साल 5,98,366 नए मामले आए और अदालतों में 6,11,671 मामले निपटे। इस दौरान 13305 पुराने मामलों का निपटारा भी हुआ।
पिछले साल महिलाओं के खिलाफ के 805 मामले लंबित थे और 1501 नए मामले दायर हुए, लेकिन इनमें से 1585 मामलों का गत वर्ष किया गया। अब 721 मामले लंबित हैं।
भ्रष्टाचार के 735 लंबित थे और 221 नए मामले आए, 394 मामले निपटे और अब 562 मामले लंबित हैं। बाल अपराध के 1825 मामले लंबित थे, 1066 नए मामले दायर हुए, 1412 मामलों का निपटारा हुआ, अब लंबित मामलों की संख्या घट कर 1479 रह गई है।
ये है हरियाणा की स्थिति
हरियाणा की 21 जिला अदालतों में 5,55,669 हजार नए मामले दायर किए गए और 6,08,315 का निपटारा हुआ। इसमें 8616 पहले के भी मामले शामिल हैं।
क्राइम अगेंस्ट वुमेन के 1080 मामले लंबित थे, 1762 नए मामले दायर हुए और 1828 का निपटारा हुआ अब 1014 लंबित हैं जो कि वर्ष 2012 की पेंडेंसी से काफी कम हैं।
भ्रष्टाचार के 368 मामले लंबित थे, 209 नए मामले आए और 212 का निपटारा किया गया और अब 365 मामले लंबित हैं।
बाल अपराध के 2896 मामले लंबित थे, 3090 नए मामले दायर हुए और 3501 मामले निपटे, अब लंबित मामलों की संख्या घट कर 2484 रह गई है।
चंडीगढ़ जिला अदालत में 59712 मामले लंबित हैं। यहां 63 हजार 529 नए मामले आए। 1,53,772 मामलों का निपटारा किया गया था। क्राइम अगेंस्ट वुमेन के 45 मामले लंबित थे, 65 नए मामले दायर हुए और 70 का गत निपटारा हुआ, अब ऐसे लंबित मामलों की संख्या सिर्फ 40 रह गई है।
भ्रष्टाचार के 119 मामले लंबित थे, 21 नए मामले आए, 51 का निपटारा हुआ और अब 85 मामले लंबित हैं। बाल अपराध के 369 मामले पहले से लंबित थे, 195 नए मामले दायर हुए और 466 मामलों का निपटारा किया गया, अब केवल 98 मामले लंबित हैं।