चंडीगढ़ का पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) शिक्षकों की नई भर्तियों के लिए ऑनलाइन साक्षात्कार नहीं लेगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को साक्षात्कार बोर्ड के सामने ही प्रस्तुत होना होगा। अभ्यर्थी ने जो भी आवेदन में भरा होगा, टीम के सामने उसका प्रदर्शन करके दिखाना होगा। इसमें आईआईटी के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
पेक निदेशक इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। साथ ही विभागीय डीन व दो अन्य सीनियर प्रोफेसर होंगे। पेक ने इस बार साफ कर दिया कि भर्तियों में किसी प्रकार की कोई सिफारिश काम नहीं आएगी, काबिलियत के बलबूते पर ही व्यक्ति यहां नौकरी पा सकेगा।
पेक की ओर से लगभग 50 शिक्षकों की भर्तियां की जाएंगी। इसके लिए पेक दिसंबर के आखिरी सप्ताह में रिक्तियां निकालेगा। जनवरी से भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी जो मार्च तक चलेगी। इस प्रक्रिया में आने वाले आवेदनों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और पहली पात्रता पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। एक दिन में 20 से 25 अभ्यर्थियों के ही साक्षात्कार होंगे।
साक्षात्कार बोर्ड ने साफ कह दिया है कि इंटरव्यू लेने में जल्दबाजी नहीं होगी। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार बिल्कुल नहीं होंगे, क्योंकि इसके जरिए संबंधित व्यक्ति की तमाम बारीकियां पता नहीं लग पाती हैं। किसी अच्छे व्यक्ति का चयन रुक सकता है और किसी गलत अभ्यर्थी का चयन भी हो सकता है। ऐसे में अभ्यर्थियों को बोर्ड के समक्ष उपस्थित होना होगा। कोरोना काल में कई जगह साक्षात्कार ऑनलाइन भी लिए जा रहे हैं। लेकिन पेक ने स्पष्ट कर दिया है कि साक्षात्कार बोर्ड के सामने ही देना होगा।
पेक ने पहले कह दिया था कि पेक के अभ्यर्थियों को नौकरी के लिए नहीं रखा जाएगा, क्योंकि पेक को नई विचारों की जरूरत है। सूत्रों का कहना है कि पेक प्रशासन पर दबाव बना है कि यहां के विद्यार्थियों को भी जगह दी जानी चाहिए। इस पर विचार हो रहा है, लेकिन संभावनाएं नजर नहीं आ रही हैं।
नियम बनाने वाले अपने नियमों पर ही कायम हैं। हां, उन लोगों को जगह जरूर मिल सकती है जो दो से तीन साल दूसरे शिक्षण संस्थानों में पढ़ाकर फिर से पेक में नौकरी के लिए आना चाहते हैं। इस नियम को भी अभी फाइनल किया जा रहा है। डीन आदि के सलाह ली जा रही हैं।
भर्तियों के लिए आयोजित होने वाले साक्षात्कार में अभ्यर्थी को शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा। ऑनलाइन आधार पर साक्षात्कार नहीं लिए जा सकेंगे। -प्रो. धीरज सांघी, निदेशक, पेक