चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) दिवाली के बाद दूसरे व तीसरे वर्ष में पढ़ रहे विद्यार्थियों की परीक्षाएं करवाने जा रहा है। इसका खाका तैयार हो रहा है। 25 नवंबर के बाद कभी भी परीक्षाएं शुरू हो सकती हैं। प्रथम वर्ष की परीक्षाएं अभी नहीं हो सकेंगी, क्योंकि उनके दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। इस परीक्षा में 1500 से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे।
पेक में विद्यार्थियों की संख्या तीन हजार से अधिक है। कोरोना के कारण विद्यार्थियों की परीक्षाएं नहीं हो पाई थी। कुछ विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया। वह अगली कक्षाओं में पहुंचे। उन्हीं विद्यार्थियों की पढ़ाई अभी ऑनलाइन चल रही है। शिक्षकों ने निर्धारित सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करवा दी है तो कुछ की पढ़ाई बाकी है। इस पर काम चल रहा है। 10 नवंबर तक पहली परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम पूरा हो जाएगा। पेक की ओर से योजना बनाई जा रही है कि द्वितीय व तीसरे वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं समय पर करवाई जाएं ताकि रिजल्ट भी समय पर मिल सके। पहली बैठक में तय हुआ है कि दिवाली के बाद परीक्षाएं शुरू करवा दी जाएंगी। परीक्षा की तिथि फाइनल नहीं की गई है, लेकिन 25 नवंबर के बाद परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में उन्हीं विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा जिन्होंने कैंपस में आकर परीक्षाएं देने की इच्छा जताई है। विद्यार्थियों को टुकड़ों में बुलाया जाएगा। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का 400-400 का बैच बनेगा। परीक्षा के दौरान कोरोना की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। विद्यार्थियों को हॉस्टल आदि में रुकने की भी जगह दी जाएगी। हालांकि अधिकांश विद्यार्थी चंडीगढ़ व आसपास के ही हैं। बाहरी विद्यार्थियों की संख्या कम है।
बीटेक की कक्षाएं 1 दिसंबर से शुरू होंगी
जेईई का परिणाम आने के बाद पेक ने बीटेक में दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया भी 5 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। विद्यार्थियों के एडमिशन होने के बाद उनकी ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। बीटेक के विद्यार्थियों की संख्या भी लगभग एक हजार होगी। इनकी पढ़ाई 1 दिसंबर से शुरू किए जाने की योजना है। हालांकि विद्यार्थियों से भी पूछा जाएगा कि वह कितने तैयार हैं।
दिवाली के विद्यार्थियों की परीक्षाएं शुरू करवाएंगे। इसके लिए खाका बनाया जा रहा है। साथ ही बीटेक के लिए दाखिला प्रक्रिया चल रही है। इन विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं 1 दिसंबर से शुरू हो जाएंगी। -प्रो. धीरज सांघी, निदेशक, पेक