चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के बिजली कर्मचारी के साथ एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है। दरअसल, 26 जनवरी को कृषि कानून के बवाल से तीन दिन पहले अंजान शख्स उनकी प्लेटिना बाइक के नंबर का इस्तेमाल कर दिल्ली की सड़कों पर तेज रफ्तार से कार दौड़ा रहा था। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब दिल्ली यातायात पुलिस ने बिजलीकर्मी शमशेर सिंह को वसंत कुंज से बेर सराय तक तेज रफ्तार से कार दौड़ाने के लिए नियमों की अवहेलना करने का 2000 रुपये का चालान भेजा।
शमशेर सिंह (46) खुड्डा अलीशेर में परिवार समेत रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में बिजलीकर्मी का काम करते हैं। उनके पास प्लेटिना बाइक नंबर (सीएच-01 बीवाई 9820) है। 27 जनवरी को उनके मोबाइल पर दिल्ली यातायात पुलिस का मैसेज आया। इसमें लिखा था कि 23 जनवरी की रात 11. 31 बजे कार नंबर (सीएच-01 बीवाई 9820) को दिल्ली स्थित वसंत कुंज से बेर सराय तक तेज रफ्तार में दौड़ाया गया है। इसकी वजह से उनकी कार का चालान कटा गया है। इसका अब उन्हें 2 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। मैसेज को देखकर वह सन्न रह गए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी कि उनके पास कार नहीं बल्कि प्लेटिना बाइक है और यह नंबर उन्हीं के बाइक का है। साथ ही वह कभी दिल्ली गए ही नहीं। इसके बाद उनसे यातायात पुलिस की तरफ से आए लिंक पर इसका जवाब भेजने को कहा गया है। वहीं शमशेर सिंह का कहना है कि उनके बाइक पर दिल्ली में चालान कटने से वह हैरान है, जरूर कोई उनके बाइक का फर्जी नंबर प्लेट इस्तेमाल कर दिल्ली में कार चला रहा है। मैसेज आने के एक दिन पहले 26 जनवरी को कृषि कानून विरोध में जमकर बवाल हुआ। ऐसे में डर सता रहा है कि दिल्ली पुलिस उन्हें नाजायज परेशान न करे। वह जल्दी ही मामले में चंडीगढ़ पुलिस को इस संबंध में शिकायत देंगे।