पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) को पब्लिक अथॉरिटी के रूप में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे में लाने के राज्य सूचना आयोग के आदेश पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए आयोग व अन्य प्रतिवादियों को 12 दिसंबर के लिए नोटिस जारी किया है।
जस्टिस जीएस संधावालिया ने सूचना आयोग के फैसले पर रोक पीसीए द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई के दौरान लगाई, जिसमें पीसीए ने राज्य सूचना आयोग द्वारा 20 जुलाई को ?जारी आदेश में पीसीए को आरटीआई के दायरे में शामिल करते हुए कहा था कि पीसीए के संबंधित जानकारी आरटीआई के तहत मांगी जा सकती है। याचिका में पीसीए का कहना है कि सूचना आयोग ने यह कहते हुए कि मोहाली में पीसीए ने 13 एक? जमीन को 100 रुपये प्रति एक? प्रति वर्ष के लिए लीज पर लिया है।
इस हिसाब से एसोसिएशन को 11 करो? रुपये पुडा, पंजाब स्पोर्ट्स कॉउंसिल और पंजाब स्माल सेविंग्स की ओर से मिले हैं। यह राशि यहां साढे आठ करो? रुपये में क्त्रिस्केट स्टेडियम और एक करो? छह लाख रूपए में बने क्लब हाउस के निर्माण में खर्च की गई है। ऐसे में सोसाइटी को सरकार की ओर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है, इसलिए यह एक पब्लिक अथॉरिटी है और इसे आरटीआई के दायरे में रख इस कानून के तहत पीसीए से सूचना मांगी जा सकती है।
याचिका में पीसीए ने कहा है कि सोसाइटी को वर्ष 1997 में 11 करो? रुपये तो मिले थे लेकिन उसके बाद से सोसाइटी को कोई भी फंड नहीं मिला है। वर्ष 2008 के बाद सोसाइटी की आय में ब?ोतरी हुई है। अब यह आय 12 करो? रूपए हो गई है। याचिका में कहा गया है कि सोसाइटी को अंतरराष्ट्रीय और घरेलु मैचों से होनी वाली आय के अलावा बीसीसीआई व ओलंपिक एसोसिएशन से भी ग्रांट मिलती है। यह भी कहा गया है ?कि एसोसिएशन ने 42.91 एक? जमीन अपने फंड्स से खरीदी है, जिसमें से 2.44 एक? जमीन पर पब्लिक रोड बनाई गई हैं। अब तक एसोसिएशन इस पर 55 करो? रूपए खर्च कर चुका है, इसलिए पीसीए को पब्लिक अथॉरिटी घोषित नहीं किया जा सकता है।