रिहायशी प्रापर्टी को लीज से फ्री होल्ड करने का फैसला साल 1996 में हुआ पड़ा है। चार साल पहले साल 2013 सिर्फ तत्कालिन प्रशासक शिवराज पाटिल ने कनवर्जन फीस के नए रेट तय करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था और अब भी सांसद किरण खेर द्वारा जो अधिसूचना जारी होने का दावा किया जा रहा है उसमे फीस का रेट नहीं बताया गया है।
यह बात पूर्व रेल मंत्री एवं पूर्व सांसद पवन बंसल ने सेक्टर-35 के कांग्रेस भवन में प्रैसवार्ता करके कही। बंसल ने कहा कि सांसद और भाजपा ने सिर्फ झूठा दावा करके शहरवासियों के साथ सिर्फ धोखा किया है। बंसल का कहना है कि सांसद का दावा भाजपा की तय पहचान बन चुके शोर शराबा अभियान से अधिक कुछ नहीं है।
बंसल का कहना है कि सांसद को लीज से फ्री होल्ड करवाने की फीस को भी बताना चाहिए था जिसे एक सप्ताह बाद लागू करने की बात कह कर टाल दिया गया। बंसल का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिल रही है कि डीसी आफिस की ओर से 15 से 20 हजार रुपये स्केयर मीटर के हिसाब से रेट तय किया जा रहा है जिससे एक कनाल की कोठी पर 50 से 57 लाख रुपये का कनवर्जन शुल्क पड़ेगा।
प्रैसवार्ता में बंसल ने साल 1996 की अधिसूचना की प्रति दिखाते हुए कहा कि 1710 रुपये स्केयर मीटर के हिसाब से उस समय रेट फिक्स हुआ था। यह शुल्क भी जमीन के कलेक्टर रेट पर लिए जाएंगे। बंसल का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि साल 1996 के मुकाबले में ज्यादा से ज्यादा रेट दोगुने कर दिए जाएं लेकिन यह 15 से 20 हजार रुपये नहीं होने चाहिए।