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लुधियानाः नोबल पुरस्कार 2019 समागम का आयोजन, विजेताओं ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को दी प्रेरणा

Thu, 12 Sep 2019 09:21 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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नोबल पुरस्कार श्रृंखला - फोटो : अमर उजाला
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नोबल पुरस्कार श्रृंखला के तहत पीएयू के मनमोहन सिंह आडिटोरियम में समागम का आयोजन किया गया। जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ताओं व नोबल पुरस्कार विजेताओं ने हिस्सा लिया। पंजाब सरकार, नेशनल एग्रो फूड जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (नाबी) मोहाली, स्वीडन के विज्ञान टेक्नोलोजी मंत्रालय एवं नोबल इंडिया के सहयोग से करवाए गए समागम में 2012 में भौतिक विज्ञान में नोबल विजेता प्रोफेसर सर्ज हरोशे व सेहत विज्ञान क्षेत्र के नोबल विजेता प्रो. जुलीन जीरथ ने मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत की।  

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समागम के दौरान नोबल पुरस्कार विजेता प्रो. जुलीन जीरथ व सर्जे हरोशे ने विद्यार्थियों को अपने तजुर्बे व विद्यार्थियों की तरफ से पूछे गए सवालों के उत्तर देकर उनको दुनिया की बेहतरी के लिए उत्साहित भी किया। नोबल मीडिया की सीओओ लाउस स्प्रेचमैन ने पीएयू में उपस्थित छात्रों, शिक्षकों व शोधकर्ताओं को बुनियादी और व्यावहारिक विज्ञान के बारे में बताया कि नोबल पुरस्कार श्रृंखला लोगों को ज्ञान प्राप्त करने, प्रश्न पूछने और एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। 

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पूरी दुनिया के लोगों को नोबल विद्वानों की उपलब्धियों और कहानियां बताने के साथ यह प्रोग्राम लोगों को अल्फ्रेड नोबल के जीवन दर्शन के अनुरूप विज्ञान, साहित्य व शांति के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। जैव तकनीक विभाग की सचिव रेणु स्वरूप ने कहा कि पीएयू ने कृषि क्षेत्र में नई क्रांति और भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। 

नोबल पुरस्कार में भाग लेने वाले छात्र, शिक्षक और वैज्ञानिक कृषि जल एवं जलवायु के क्षेत्र में भारतीय शोध में अग्रणी है। पीएयू के वाइस चांसलर डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों ने कहा कि नोबल पुरस्कार श्रृंखला 2019 के जरिए एनएबीआई, मोहाली और पीएयू लुधियाना के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं इस क्षेत्र के वैज्ञानिकों के लिए नोबल विद्वानों से मिलने व विचार सांझा करने का अनोखा अवसर है। 

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से जो कल्पना शक्ति जागती है वह हमारे विद्यार्थियों को विज्ञान में उत्कृष्टता पाने का उत्साह देगी। इसमें सहयोग देकर आयोजन को विशिष्ट बनाने के लिए भारत सरकार के जैवतकनीक विभाग व पंजाब सरकार के अति आभारी है।

 समागम के दौरान पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से 1500 के करीब विद्यार्थियों, अध्यापकों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान मनुष्य की बेहतरी के लिए प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर डॉ. गुरिंदर सिंह सांघा, डॉ. केएस थिंद, डॉ. आरआईएस गिल, डॉ. तेजिंदर सिंह रियाड़ और डॉ. जगदीश कौर मौजूद थे।
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