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चंडीगढ़ के अस्पतालों में उड़ीं सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां, इलाज कराने आने वाले नहीं मानते

Sat, 27 Jun 2020 11:54 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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मरीजों को लेकर पहुंचे तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना महामारी से बचाव को लेकर अस्पतालों में तमाम उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन वहां आने वाले मरीज और उनके परिजन मानकों का पालन न करते हुए संक्रमण को न्योता दे रहे हैं। जीएमएसएच 16 में आने वाले लोगों की लापरवाही साफ तौर पर देखी जा सकती है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी और अस्पताल के परिसर में जगह-जगह एकत्र भीड़ कोरोना संक्रमण को दावत दे रही है।
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इससे बचाव के लिए अस्पताल प्रशासन तमाम प्रयास कर रहा है लेकिन लोगों में जागरूकता की कमी परेशानी बढ़ाने का काम कर रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हर जगह कोरोना से बचाव संबंधी सूचनाएं लगाई गई है। उसके बावजूद लोग अनदेखी कर रहे हैं। सुरक्षा गार्ड के मना करने के बावजूद काफी संख्या में एक ही स्थान पर लोग एकत्रित हो जा रहे हैं जिससे फैलने का खतरा बढ़ रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों की अनदेखी उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

गाइनी डिपार्टमेंट में ज्यादा भीड़
अस्पताल की इमरजेंसी के साथ ही गाइनी डिपार्टमेंट में सबसे ज्यादा भीड़ होती है। वहां की सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने विशेष योजना बनाई है। इसके तहत गाइनी डिपार्टमेंट की भीड़ को कम करने के लिए स्मार्टफोन के जरिए टेलीकंसल्टेशन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि दो-चार दिन में यह सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके बाद ओपीडी में आने वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या काफी हद तक कम हो जाएगी। महिलाओं को घर से फोन के माध्यम से परामर्श और फोलोअप मिल सकेगा। 
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कैंटीन में स्टील की जगह पतल

अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कैंटीन में स्टील के बर्तनों की जगह अब पतल का प्रयोग किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पतल की प्लेट डिस्पोजेबल है और इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिए स्टील के बर्तनों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।   

चप्पे चप्पे पर जांच की व्यवस्था
कोरोना महामारी से बचाव के लिए जीएमएसएच 16 के चप्पे-चप्पे में स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वार, पार्किंग, इमरजेंसी, ओपीडी, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक, ब्लड बैंक ,आईसीयू और लगभग सारी यूनिट में आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। किसी में भी कोरोना से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में बनाए गए फ्लू क्लीनिक में भेजा जा रहा है।  

मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए अस्पताल के प्रवेश द्वार से लेकर इमरजेंसी, ओपीडी, एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक और लगभग सभी यूनिटों में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। उसके इसके साथ ही हैंड सैनिटाइजर और मास्क भी दिया जा रहा है ताकि अस्पताल में आने वाले लोग संक्रमण से सुरक्षित रहें।   
- डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपिरिटेंडेंट, जीएमएसएच 16
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