चंडीगढ़। पीजीआई में डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी होने से पहले रविवार शाम करीब सात बजे न्यूरोलॉजी विभाग का एक मरीज पांचवीं मंजिल पर बने महिला शौचालय की खिड़की से होते हुए एडवांस ट्रॉमा सेंटर की ऊपरी मंजिल तक पहुंच गया और छलांग लगा दी। इसके बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल 58 वर्षीय मेजर सिंह को ट्रॉमा आईसीयू में भर्ती किया गया है। उनकी हालत नाजुक बनी है। उधर, घटना की सूचना मिलते ही पीजीआई पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य रिकॉर्ड भी लिए जा रहे हैं।
पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव कंडोवाल सलाहपुर के रहने वाले मेजर सिंह को 23 जुलाई को क्रॉनिक सबड्यूरल हेमरेज (दिमाग में खून जमने) की शिकायत के बाद एडवांस ट्रॉमा सेंटर के न्यूरोसर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया था। उसी दिन उनका ऑपरेशन हुआ था। इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर रविवार को उन्हें डिस्चार्ज किया गया। शाम करीब सात बजे उनका बेटा अमनदीप नो-ड्यूज और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने गया था। इसी दौरान मेजर सिंह वार्ड से निकलकर पांचवीं मंजिल पर बने महिला शौचालय पहुंचे। वहां की खिड़की से बालकनी में पहुंचे और फिर ऊपर जाकर छलांग लगा दी। सुरक्षा कर्मियों और डॉक्टरों ने तत्काल उन्हें एटीसी के ट्रायाज क्षेत्र में पहुंचाया और फिर ट्रॉमा आईसीयू में भर्ती किया।
डॉक्टरों के अनुसार गिरने के बाद उनका ब्लड प्रेशर 41 तक पहुंच गया था, जिसे आपात उपचार के बाद 106 तक स्थिर किया गया। उनके दोनों हाथों में गंभीर फ्रैक्चर हैं और शरीर के कई हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
उधर, जब अमनदीप औपचारिकताएं पूरी कर वार्ड में लौटा तो पिता बिस्तर पर नहीं मिले। वह अस्पताल में उनकी तलाश कर ही रहा था कि नीचे किसी व्यक्ति के कूदने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि घायल व्यक्ति उसके पिता ही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए। बताया जा रहा है कि मेजर सिंह बीमारी के इलाज और सर्जरी के संभावित खर्च को लेकर मानसिक तनाव में थे। उनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। इससे वह पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। सबसे बड़ा सवाल है कि डिस्चार्ज के दौरान एक मरीज बिना किसी निगरानी के वार्ड से निकलकर महिला शौचालय, फिर बालकनी और आखिरकार ऊपरी मंजिल तक कैसे पहुंच गया।
पीजीआई का पक्ष
पीजीआई के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मरीज का ऑपरेशन सफल रहा था और उन्हें छुट्टी दी जा रही थी। डिस्चार्ज के दौरान एक रिश्तेदार से किसी बात को लेकर बहस हुई जिसके बाद उन्होंने पांचवीं मंजिल पर बने वॉशरूम की खिड़की से निकल छत से छलांग लगा दी। अस्पताल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
कोट
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत उसे आईसीयू में भर्ती किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। -सुंदरी, चौकी प्रभारी, पीजीआई
बॉक्स
12 साल में नौवीं बड़ी घटना
मार्च 2013 : नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक से मरीज ने छलांग लगाई।
नवंबर 2015 : इमरजेंसी ब्लॉक से भर्ती मरीज ने जान दी।
मई 2017 : नेहरू अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदने का मामला।
जुलाई 2018 : एडवांस ट्रॉमा सेंटर से मरीज ने छलांग लगाई।
सितंबर 2019 : नेहरू अस्पताल से मरीज ने जान दी।
अक्तूबर 2020 : कोविड मरीज ने न्यू नेहरू अस्पताल से छलांग लगाई।
मार्च 2021 : नेफ्रोलॉजी वार्ड से मरीज ने कूदकर जान दी।
जुलाई 2023 : एडवांस आई सेंटर से मरीज ने आत्महत्या की।
जुलाई 2026 : डिस्चार्ज के दौरान ट्रॉमा सेंटर से मेजर सिंह की छलांग।