1947 के विभाजन के समय जो हिन्दू परिवार पाकिस्तान में रह गए, आज उनके हालात जानकर आपकी रूह कांप जाएगी। इन परिवारों को पाकिस्तानी दोयम दर्जे का मानते हैं और उनके साथ दयनीय व्यवहार करते हैं।
यह जानकारी पाकिस्तान के मशहूर वकील मुकेश मेघवाल ने भारत आगमन पर खास मुलाकात के दौरान दी। उन्होंने बताया कि हिंदू पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 96 प्रतिशत हिंदुओं की आबादी है, लेकिन आज तक उन्हें वहां की नागरिकता नहीं मिल सकी। वे किसी भी तरह की सरकारी सुविधा नहीं प्राप्त कर सकते और उन्हें सरकारी नौकरियों से भी वंचित रखा जा रहा है।
उन्हें राशन की डिपो से सरकारी सामान भी नहीं मिलता। मेघवाल ने भारत आगमन पर बताया कि सिंध प्रांत में 96 प्रतिशत हिंदू और चार प्रतिशत ही मुसलमान हैं। मुसलमानों को पाक सरकार की तरफ से हर सुख-सुविधा दी जा रही है लेकिन हिंदुओं को वहां पर पिछड़ा वर्ग माना जाता है।
सिंध के जकबाबाद में हिंदू 60 प्रतिशत, सरवर में 90 प्रतिशत और हैदराबाद में 38 लाख हिंदू शुरू से रह रहे हैं। इन्हें अपना त्योहार तक मनाने की आजादी नहीं है। पढ़े-लिखे हिंदुओं को सरकारी नौकरी तक नहीं दी जाती, केवल एक-दो को दर्जा चार की नौकरी दी गई है।