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पाकिस्तान में हिन्दू परिवारों की दयनीय हालत रुला देगी आपको

Thu, 10 Sep 2015 05:40 PM IST
विनय कोछड़/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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1947 के विभाजन के समय जो हिन्दू परिवार पाकिस्तान में रह गए, आज उनके हालात जानकर आपकी रूह कांप जाएगी। इन परिवारों को पाकिस्तानी दोयम दर्जे का मानते हैं और उनके साथ दयनीय व्यवहार करते हैं।
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यह जानकारी पाकिस्तान के मशहूर वकील मुकेश मेघवाल ने भारत आगमन पर खास मुलाकात के दौरान दी। उन्होंने बताया कि हिंदू पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 96 प्रतिशत हिंदुओं की आबादी है, लेकिन आज तक उन्हें वहां की नागरिकता नहीं मिल सकी। वे किसी भी तरह की सरकारी सुविधा नहीं प्राप्त कर सकते और उन्हें सरकारी नौकरियों से भी वंचित रखा जा रहा है।

उन्हें राशन की डिपो से सरकारी सामान भी नहीं मिलता। मेघवाल ने भारत आगमन पर बताया कि सिंध प्रांत में 96 प्रतिशत हिंदू और चार प्रतिशत ही मुसलमान हैं। मुसलमानों को पाक सरकार की तरफ से हर सुख-सुविधा दी जा रही है लेकिन हिंदुओं को वहां पर पिछड़ा वर्ग माना जाता है।
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सिंध के जकबाबाद में हिंदू 60 प्रतिशत, सरवर में 90 प्रतिशत और हैदराबाद में 38 लाख हिंदू शुरू से रह रहे हैं। इन्हें अपना त्योहार तक मनाने की आजादी नहीं है। पढ़े-लिखे हिंदुओं को सरकारी नौकरी तक नहीं दी जाती, केवल एक-दो को दर्जा चार की नौकरी दी गई है।
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न त्योहार न दाह-संस्कार की आजादी और न सरकारी नौकरी

उन्होंने कहा कि अगर किसी हिंदू की मौत हो जाती है तो परिजनों को मृत देह के संस्कार के बजाय उसे दफनाने पर मजबूर होना पड़ता है। पाकिस्तान में हिंदू रीति-रिवाजों को सरकार की तरफ से मान्यता नहीं दी गई है।

विरोध करने पर कानूनी कार्रवाई कर जेल में डाल दिया जाता है। पाक में हिंदू मैरिज एक्ट लागू न होने के कारण विवाह भी पाकिस्तानी रीति-रिवाज के साथ किया जाता है।

आज भी पाकिस्तान के सरकारी आंकड़ों के अनुसार सभी हिंदू कुंवारे हैं। यदि किसी भी महिला को तलाक लेना हो तो वह तलाक नहीं ले सकती। पाकिस्तान रीति-रिवाज से ही तलाक लिया जा सकता है।

टॉप किया पर नहीं बन सकती सरकारी डॉक्टर
मेघवाल ने बताया कि पिछले महीने पाकिस्तान की हिंदू लड़की कृष्णा ने पीएमटी में टॉप किया था, लेकिन वह पाकिस्तान में सरकारी डॉक्टर नहीं बन सकती। पाकिस्तान में ऐसे और हिंदू परिवारों से संबंधित छात्र थे जिन्होंने अलग-अलग विषयों में टॉप किया था। उन्हें अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद पाक सरकार द्वारा नौकरी नहीं दी गई। वे आज भी बेरोजगार हैं।

17 हिंदू मंत्री लेकिन किसी ने नहीं उठाया मुद्दा
पाक वकील ने बताया कि सिंध सूबे में 17 हिंदू मंत्री हैं, लेकिन किसी ने विधानसभा में आज तक हिंदुओं की आवाज बुलंद नहीं की। कुछ हिंदुओं को जिन्हे पाक सरकार ने उच्च पद दिया है, उन्हें इस कदर दबाकर रखा जाता है कि वे पाक सरकार की फेवर ही करते हैं।
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