कोरोना के कारण हर किसी विभाग की कार्यशैली में बदलाव आया है। पासपोर्ट कार्यालय में भी कुछ ऐसा ही है। वहां भी 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम हो रहा है। रोटेशन हर किसी का तय है। इस समय पासपोर्ट कार्यालय में मुलाकात ऑनलाइन हो रही हैं। उन शिकायतों के निस्तारण के लिए कार्यालय की ओर से वीडियोकॉल की जाती है और समस्या का हल किया जाता है। विभाग का दावा है कि यहां शिकायतें पेंडिंग नहीं हैं। हर दिन आने वाली शिकायतों का निपटान उसी दिन हो जाता है।
कोरोना के चलते विभागों में लोगों की आवाजाही कम हो गई। पासपोर्ट कार्यालय ने पासपोर्ट से जुड़ी शिकायतों के लिए आवेदकों से ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने को कहा था। वेबसाइट व विभागीय नंबर के जरिये यह अप्वाइंटमेंट दिया गया। विभाग में हर दिन 50 से 60 आवेदक मुलाकात के लिए इच्छा जाहिर करते हैं। उनकी शिकायतों का निस्तारण ऑनलाइन हो रहा है। बुधवार को छोड़कर अन्य चार दिन शिकायतें निपटाई जाती हैं। यह शिकायतें पासपोर्ट के लिए मांगे जाने वाले अभिलेखों के अपूर्ण होने, पासपोर्ट जारी न होने आदि से जुड़ी हैं।
पहले आती थीं हर दिन 120 से अधिक शिकायतें
कोरोना के कारण इस समय शिकायतों की संख्या में 50 फीसदी तक की गिरावट आई है। पहले 120 से अधिक शिकायतें विभाग को मिलती थीं। इन सभी शिकायतों का हल मैनुअल रूप से किया जाता था। इस समय इसका स्वरूप ऑनलाइन हो गया है। हरियाणा व पंजाब से 3600 से अधिक लोग पासपोर्ट के लिए आवेदन करते थे और मुलाकात का समय मांगते थे लेकिन अब फ्लाइट आदि बंद हैं। ऐसे में आवेदकों की संख्या 50 फीसदी ही रह गई है। मालूम हो कि लॉकडाउन के कारण हर कार्यालय की तरह पासपोर्ट कार्यालय भी लगभग डेढ़ माह तक बंद रहा था।
हर दिन 50 से 60 शिकायतें मिल रही हैं उनका निस्तारण ऑनलाइन ही किया जा रहा है। कोई शिकायत पेंडिंग नहीं रहने देते। पासपोर्ट के लिए आवेदकों की संख्या में भी गिरावट आई है।
- शिबास कविराज, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी