पंजाब के पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पंजाब में वित्तीय इमरजेंसी लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम और डिप्टी सीएम ने वोट हासिल करने को विकास के नाम पर सूबे को कर्जदार बना दिया।
बाजवा ने कहा कि सीएम प्रकाश सिंह बादल ने सत्ता में रहते हुए अपने कारोबार में भारी तरक्की की। वह अपने परिवार के विकास मॉडल का खुलासा करें। मौजूदा हालातों को देखते हुए लोगों को इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले खबरें आती थीं कि सरकार विकास के नाम पर कुछ संपत्तियां बेच रही है, लेकिन हैरानी की बात है कि जालंधर के गांधी वनीता आश्रम जैसे विधवा घर की जायदाद भी गिरवी रख दी गई। इससे शर्मनाक और क्या होगा।
उन्होंने कहा कि दिवालिया बन चुके हालातों में सरकार कुछ न मिलने पर लोगों को भी गिरवी रख सकती है। यह विकास का हैरान करने वाला मॉडल है और डिप्टी सीएम दावा कर रहे हैं कि फंड की कोई कमी नहीं है। लोगों से धोखे का खुलासा बैंकों के पास 2100 करोड़ रुपये में जेलों समेत बारह जायदादों को गिरवी रखने से होता है।
बाजवा ने कहा कि सरकार लोगों को सुविधाएं देने में नाकाम रही है। अस्पतालों में डॉक्टर और दवाएं नहीं हैं, स्कूलों में बेंच और टीचर नहीं है। ऐसे कर्जों को किसी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता।
डिप्टी सीएम को बताना चाहिए कि कैसे उनके कारोबार तरक्की कर रहे हैं और वही मॉडल राज्य पर क्यों लागू नहीं हो सकता। इस सरकार का बने रहना बहुत खतरनाक होगा।