अकालियों के साथ-साथ कांग्रेसियों ने भी पंजाब में नशों के बढ़ते चलन के खिलाफ कई जगह धरना दिया। पटियाला में फव्वारा चौक में हुए धरने में पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एवं पटियाला शहरी हलके से विधायक परनीत कौर ने कहा कि नशों के खिलाफ सरहद पर फौज और बीएसएफ के खिलाफ धरने लगाकर अकाली देशद्रोह कर रहे हैं। पंजाब में राष्ट्रपति शासन होना चाहिए।
सन्नौर से विधायक एवं पूर्व मंत्री लाल सिंह ने कहा कि कांग्रेस पहले भी विधानसभा समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में धरने देकर नशों का मुद्दा उठाया जा चुका है। इसके बाद बादल सरकार के कानों पर अब तक जूं नहीं रेंगी। अब तो अकालियों की गठबंधन पार्टी भाजपा ने भी सूबे में नशे व सिंथेटिक ड्रग्स की पैदावार को मान लिया है।
प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की
राजपुरा से विधायक हरदियाल सिंह कंबोज ने कहा कि ड्रग्स रैकेट में ईडी की जांच का सामना कर रहे कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
पटियाला देहाती से विधायक ब्रहम मोहिंदरा ने कहा कि सूबे के 70 फीसदी नौजवान नशों की गिरफ्त में आ चुके हैं और कई नौजवान नशों का कारोबार कर रहे हैं, जिसकी सीधी जिम्मेदारी सूबे की सरकार और इसके जिम्मेदार मंत्रियों की बनती है। इस मौके पर कांग्रेसी विधायकों व परनीत कौर की ओर से डीसी के नाम एक मांग पत्र पटियाला के एसडीएम गुरपाल सिंह चहल को सौंपा गया।
धरने से बीएसएफ का मनोबल गिरेगा
कांग्रेस ने बॉर्डर पर बीएसएफ के खिलाफ धरने दे रहे अकाली नेताओं व कार्यकर्ताओं पर परचें दर्ज करने के लिए डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समक्ष धरना दिया। यही नहीं राष्ट्रपति के नाम का मांगपत्र डीसी को सौंपा।
कांग्रेसियों का कहना है कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि सियासी लोग बीएसएफ के खिलाफ धरना दे रहे हैं, ऐसा करने से जवानों का मनोबल गिरेगा। जबकि उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ड्रगस रैकेट में फंसे अपने साले बिक्रम सिंह मजीठिया को बचाने के लिए सब कुछ कर रहा है। अकालियों के कारण ही पंजाब में नशा बढ़ा है और हजारों की संख्या में नौजवान इसे खाकर अपनी जिंदगी खत्म कर चुके हैं। हजारों की संख्या में नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हुए हैं।