काफी समय से वीरान पड़े नगर निगम के अधीन आने वाले पार्कों और ग्रीन बैल्ट की सूरत बदल जाएगी। निगम ने पार्कों के कायाकल्प करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी पार्कों को एक ही कंपनी को सौंपने का फैसला लिया गया है। अगर सब कुछ सही रहा तो एक जुलाई से कंपनी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर देगी।
कंपनी पार्कों से जुड़े हर कार्य को देखेगी। वह हर महीने निगम को अपनी रिपोर्ट देगी। निगम नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम के अधीन शहर में 34 पार्क एवं ग्रीन बैल्ट आती हैं। यह विभिन्न फेजों में स्थित हैं। इस मामले को लेकर हाल ही में नगर निगम में अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। जिसमें सभी पार्कों की मौजूदा सूरत की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने तय किया कि पार्कों का सारा काम एक ही कंपनी को सौंपा जाए। उच्च अधिकारियों ने भी प्रस्ताव पर सहमति जता दी। अब निगम ने विभिन्न कंपनियों से पार्कों की देखभाल की जिम्मेदारी उठाने के लिए आवेदन मांगे हैं। इसी महीने निगम द्वारा इसकी तकनीकी बिड खोली जाएगी।
इसमें कंपनियों के सुझावों को सुना जाएगा। कंपनियों के दस्तावेज का चेक किए जाएंगे। फिर फाइनेशियल बोली होगी। इसमें जो भी कंपनी निगम की शर्तों पर खरी उतरेगी उसे काम सौंप दिया जाएगा। इस काम पर करीब 85.25 लाख रुपये लागत आने का अनुमान है।
कई कंपनियां मिलकर संभालती थीं काम
पहले नगर निगम द्वारा पार्कों की जिम्मेदारियां कई कंपनियों का सौंपी गई थीं। लेकिन इससे निगम को काफी परेशानी आ रही थी। कई कंपनियां बढ़िया तरीके से काम भी नहीं करती थीं। दूसरा सभी पार्कों का एक जैसा विकास नहीं हो रहा था। इसके बाद निगम अधिकारियों को दोबारा इस फैसले पर सोचना पड़ा है।
यह काम देखेगी कंपनी
1. पार्कों की साफ-सफाई और सुंदरता
2. पेड़ों की तय समय पर छंटाई
3. फव्वारों की सफाई एवं उन्हें चलाना
4. तय समय पर घास लगाना और कटिंग
5. पार्कों के पौधों को नुकसान से बचाना
6. हर महीने रिपोर्ट निगम को सौंपना
गमाडा और आरडब्ल्यूए भी संभाल रहे हैं पार्क
शहर में 200 के करीब और पार्क हैं। जिसकी जिम्मेदारी गमाडा एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा उठाई जाती है। गमाडा इसके लिए समाजसेवी संस्थाओं को भुगतना भी करता है।