चंडीगढ़ सेक्टर-17 की पहली मल्टीलेवल पार्किंग दो दिन बंद रहने के बाद वीरवार से फिर खुल रही है। अब निगम ने इसे चलाने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। निगम अपने 30 कर्मचारी यहां तैनात करेगा। अब अगर सेक्टर-17 में नो पार्किंग जोन यानी रोड किनारे और रोड बर्म पर कोई अपनी कार पार्क करता है तो उसकी कार जब्त कर ली जाएगी और साढ़े तीन हजार रुपये का जुर्माना लेकर रिलीज की जाएगी।
निगम ने नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर कार्रवाई के लिए अतिक्रमण हटाओ दस्ते के चार सब इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगा दी है, जबकि दो क्रेनें भी सेक्टर-17 में तैनात रहेंगी। ट्रैफिक पुलिस नो पार्किंग में कार पार्क करने पर 1300 रुपये जुर्माना चार्ज करती है, जिसमें एक हजार रुपये वाहन उठाने वाली गाड़ी का किराया है।
पहली बार नो पार्किंग से वाहन जब्त करेगा निगम
बुधवार को निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था और मेयर अरुण सूद ने प्रेसवार्ता में कहा कि अगर किसी बस को उठाया जाएगा तो उसका 7 हजार रुपये जुर्माना चार्ज किया जाएगा, जबकि स्कूटर उठाने पर चालक से एक हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। ऐसा पहली बार होगा जब निगम नो पार्किंग में पार्क वाहनों को जब्त करने जा रहा है। कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि जुर्माना लेने का निगम के पास प्रावधान है। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाओ दस्ते के सब इंस्पेक्टरों को चालान काटने की पावर दी जाएगी। मेयर ने बताया कि मल्टीलेवल पार्किंग में वीरवार सुबह से निगम के 30 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे और निगम ही यह पार्किंग अब अगली पॉलिसी के लागू होने तक चलाएगी।
तीन बार पास कहकर कांग्रेस ने फेल कर दिया प्रोेजेक्ट
मेयर ने बताया कि कांग्रेस के कार्यकाल में पूर्व मेयर रविंदर सिंह पाली के समय इस प्रोजेक्ट पर बिना पॉलिसी के चर्चा हुई। उसके बाद पूर्व मेयर राजबाला मलिक के कार्यकाल में प्रदीप छाबड़ा और सुभाष चावला ने बिना चर्चा के ही 50 करोड़ की मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव पास कर दिया, जबकि मैंने उस समय काफी विरोध किया था कि प्रस्ताव पर चर्चा हो।
मेयर का कहना है कि जिस तरह से तीन बार तलाक-तलाक कहने पर किसी की जिंदगी बर्बाद कर दी जाती है, उसी तरह से कांग्रेस ने पास-पास करके इस प्रोजेक्ट को फेल करने का प्रयास किया है। सूद का कहना है कि इस समय अगर प्रोजेक्ट सफल नहीं हो रहा तो इसके लिए सिर्फ कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि 2013 में जब सुभाष चावला मेयर थे तो उनके कार्यकाल में भी इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन हुआ था तब भी उनकी पार्टी ने इस समारोह का उद्घाटन किया था, लेकिन इस साल जब वह मेयर बने तो उनका काम तो सिर्फ इतना ही किया गया कि जल्द से जल्द निर्माण करके इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करवाया गया।