पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एक दूरदर्शी नेता थे। पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने अलग-अलग गुरु साहिब और पांच प्यारों के नाम पर अमृतसर में सरकारी सेटेलाइट अस्पताल की भी शुरूआत की थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अधीन चलने वाले श्री गुरु राम दास मेडिकल कॉलेज को विश्वविद्यालय व शोध संस्थान का दर्जा दिलानें में बादल का अहम योगदान था।
पत्नी का हुआ निधन तो कैंसर के खिलाफ छेड़ी जंग
24 मई 2011 को प्रकाश सिंह बादल की पत्नी सुरिंदर कौर बादल का निधन हुआ था। उन्होंने कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद पीजीआई चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली थी। तब सुरिंदर कौर 72 साल की थीं। सुरिंदर कौर गले के कैंसर से पीड़ित थीं। पत्नी के देहांत के बाद मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने कैंसर के खिलाफ मुहिम छेड़ दी थी।
प्रकाश सिंह बादल ने अपने कार्यकाल में घर-घर में कैंसर की जांच की थी। सरकारी अस्पतालों में कैंसर के इलाज में तेजी व उनके योग्य इलाज की व्यवस्था प्रकाश सिंह बादल की वजह से संभव हुआ। उन्होंने ही मुख्यमंत्री रिलीफ फंड शुरू किया था। इसी फंड से कैंसर मरीजों को आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। वहीं श्री गुरु राम दास अस्पताल में अलग से कैंसर विभाग की स्थापना भी करवाई। यहां कई राज्यों के मरीज कैंसर का इलाज करवाने पहुंचते हैं।